डीएलएफ-वाड्रा लैंड डील मामले में हरियाणा की पूर्ववर्ती सरकार के आंख की किरकिरी रहे आईएएस अशोक खेमका ने इस प्रकरण को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर निशाना साधा है।
खेमका ने ट्विट के जरिये सवाल उठाया है। पूछा है कि आखिरकार हुड्डा ढींगरा आयोग के समक्ष पेश होने से पीछे क्यों हट रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि बदले की कार्रवाई के तहत उन्हें कई बार तबादले का सामना करना पड़ा था। इतना ही नहीं उन्हें चार्जशीट भी किया गया।
ट्वीट में खेमका ने यह भी कहा है कि लैंड डील में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने पर मुझे न केवल चार्जशीट किया गया, बल्कि कई बार नीचा दिखाने की कोशिश की गई। मामले में 25 मार्च को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को एसएन ढींगरा आयोग के समक्ष पेश होना था, लेकिन वह पेश नहीं हुए।
ढींगरा आयोग की ओर से पिछली सरकार के कार्यकाल के आखिरी दिनों में एक निजी कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए लाइसेंस जारी करने के आरोपों और सीएलयू जारी किए जाने के मामले की जांच की जा रही है। मामले में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की ओर से लाइसेंस जारी किया गया था।
आयोग के समक्ष इसी प्रकरण को लेकर अशोक खेमका को कई बार तबादलों का सामना करना पड़ा, लेकिन खेमका ने भी अपने आक्रामक तेवर दिखाए और टस से मस नहीं हुए। उन्होंने आयोग के समक्ष पूर्व सीएम के पेश न होने पर ट्वीट के जरिये अपना गुबार निकाला है।