काम करने से मना करने पर ओमान में बेचा
महिला ने बताया कि जब काम करने से मना कर दिया तो मानव तस्कर गिरोह के दूसरे शातिर कृष्ण कुमार की एंट्री हुई। पंजाब से बिक्की सिंह के कहने पर कृष्ण कुमार ने मुझे एक अरबी परिवार में ले गया। उसने दुबई से मस्कट भेज दिया। वहां पहुंचते ही मेरा पासपोर्ट, मोबाइल फोन और कपड़ों का बैग तक छीन लिया गया और 15 दिन तक बंदी बनाकर कर रखा। इसके बाद मुझे मस्कट स्थित एक पांच मंजिला मकान वाले घर में नौकरानी बनाकर भेज दिया। उस घर में पांच छोटे बच्चों की देखभाल और सारे मकान की साफ सफाई करवाई जाती थी। इस दौरान काम के बदले में एक रुपये भी नहीं दिया गया।
परिवार ने ब्याज पर एक लाख रुपये लेकर भेजे
पीड़ित महिला ने बताया कि जब पंजाब आने की गुजारिश की तो अरबी परिवार ने पासपोर्ट और कागजात लौटाने के बदले करीब ढाई लाख रुपये की मांग की। इस दौरान पता चला कि एजेंटों ने अरबी परिवार से लाखों रुपये लेकर बेच दिया था। इतने रुपये का इंतजाम कर पाना असंभव था। मेरे परिवार ने मुश्किल से एक लाख रुपये ब्याज पर लेकर भेजे। इसके बावजूद मेरा पासपोर्ट और टिकट नहीं मिली। किसी तरह वहां एक सामाजिक संगठन की मदद से भारतीय दूतावास तक पहुंची।
भारतीय दूतावास की मदद से मिला व्हाइट पासपोर्ट
भारतीय दूतावास की मदद से ही व्हाइट पासपोर्ट (इमरजेंसी ट्रेवल डॉक्यूमेंट) मिला और उन्होंने ही टिकट का इंतजाम कर भारत अपने घर पहुंचने में मदद की। महिला ने बताया कि बिक्की और कृष्ण कुमार के पास कोई भी सरकारी मान्यता प्राप्त ट्रेवल एजेंसी नहीं है। ये एक मानव तस्कर गिरोह के रूप में काम करते हैं और अरबियों से मोटी रकम लेकर महिलाओं को गैर-कानूनी तरीके से भेजकर घरों और दफ्तरों में काम करवाते हैं। वहां पहुंचकर खाने के अलावा कुछ नहीं मिलता है, क्योंकि ये मानव तस्कर पहले ही उनके लाखों रुपये ले चुके होते हैं।