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Punjab: पंजाब से खाड़ी देशों तक मानव तस्करी का जाल, महिला को पहले दुबई फिर ओमान में बेचा, चौंकाने वाले खुलासे

Wed, 31 May 2023 06:26 PM IST
ajay kumar कंवरपाल, संवाद न्यूज एजेंसी, हलवारा (पंजाब)

सार

पीड़ित महिला ने बताया कि जब पंजाब आने की गुजारिश की तो अरबी परिवार ने पासपोर्ट और कागजात लौटाने के बदले करीब ढाई लाख रुपये की मांग की। इस दौरान पता चला कि एजेंटों ने अरबी परिवार से लाखों रुपये लेकर उसे बेच दिया था।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब, दुबई और ओमान में सक्रिय मानव तस्कर गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। एक महिला को खाड़ी देशों में नौकरी दिलवाने के नाम पर एक देश से दूसरे देश में बेचने का सनसनीखेज मामला सामने आने के बाद पंजाब और दुबई में बैठे दो ट्रेवल एजेंटों और अज्ञात मानव तस्करों पर केस दर्ज किया गया है। ये गिरोह महिलाओं का आर्थिक और मानसिक शोषण कर रहे हैं। बस्सीयां रायकोट के ट्रेवल एजेंट बिक्की सिंह ने मुंहबोली भांजी को सुनहरे भविष्य के सपने दिखा नौकरी के लिए पहले दुबई और बाद में ओमान की राजधानी मस्कट में बेच दिया।

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26 वर्षीय शादीशुदा महिला अब मस्कट से किसी तरह घर पहुंच पाई है। थाना सदर जगरांव पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर बिक्की सिंह, दुबई में बैठे कृष्ण लाल और ओमान मस्कट के अज्ञात मानव तस्करों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर जगराज सिंह ने बताया कि कृष्ण लाल दुबई में छिपा है। 

पीड़ित महिला ने पुलिस को बताया कि ट्रेवल एजेंट बिक्की सिंह ने मेरी मां को मुंहबोली बहन और मुझे भांजी मानता था। उसने घर आकर हम दोनों को वर्क परमिट पर विदेश भेजने की बात की। बिक्की सिंह ने मुझे पहले और मां को कुछ समय बाद भेजने की बात की। इसी साल 14 मार्च को मुझे अमृतसर हवाई अड्डे से दुबई के लिए रवाना किया। वहां पहुंचने पर पता चला कि मुझे वर्क परमिट नहीं बल्कि टूरिस्ट वीजा पर भेजा गया है। दुबई पहुंचने पर किसी दफ्तर या कंपनी के बजाय एक अरबी परिवार में नौकरानी बना दिया गया। वहां बंधुआ मजदूर की तरह काम करवाया जाने लगा।

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काम करने से मना करने पर ओमान में बेचा
महिला ने बताया कि जब काम करने से मना कर दिया तो मानव तस्कर गिरोह के दूसरे शातिर कृष्ण कुमार की एंट्री हुई। पंजाब से बिक्की सिंह के कहने पर कृष्ण कुमार ने मुझे एक अरबी परिवार में ले गया। उसने दुबई से मस्कट भेज दिया। वहां पहुंचते ही मेरा पासपोर्ट, मोबाइल फोन और कपड़ों का बैग तक छीन लिया गया और 15 दिन तक बंदी बनाकर कर रखा। इसके बाद मुझे मस्कट स्थित एक पांच मंजिला मकान वाले घर में नौकरानी बनाकर भेज दिया। उस घर में पांच छोटे बच्चों की देखभाल और सारे मकान की साफ सफाई करवाई जाती थी। इस दौरान काम के बदले में एक रुपये भी नहीं दिया गया।

परिवार ने ब्याज पर एक लाख रुपये लेकर भेजे
पीड़ित महिला ने बताया कि जब पंजाब आने की गुजारिश की तो अरबी परिवार ने पासपोर्ट और कागजात लौटाने के बदले करीब ढाई लाख रुपये की मांग की। इस दौरान पता चला कि एजेंटों ने अरबी परिवार से लाखों रुपये लेकर बेच दिया था। इतने रुपये का इंतजाम कर पाना असंभव था। मेरे परिवार ने मुश्किल से एक लाख रुपये ब्याज पर लेकर भेजे। इसके बावजूद मेरा पासपोर्ट और टिकट नहीं मिली। किसी तरह वहां एक सामाजिक संगठन की मदद से भारतीय दूतावास तक पहुंची।

भारतीय दूतावास की मदद से मिला व्हाइट पासपोर्ट
भारतीय दूतावास की मदद से ही व्हाइट पासपोर्ट (इमरजेंसी ट्रेवल डॉक्यूमेंट) मिला और उन्होंने ही टिकट का इंतजाम कर भारत अपने घर पहुंचने में मदद की। महिला ने बताया कि बिक्की और कृष्ण कुमार के पास कोई भी सरकारी मान्यता प्राप्त ट्रेवल एजेंसी नहीं है। ये एक मानव तस्कर गिरोह के रूप में काम करते हैं और अरबियों से मोटी रकम लेकर महिलाओं को गैर-कानूनी तरीके से भेजकर घरों और दफ्तरों में काम करवाते हैं। वहां पहुंचकर खाने के अलावा कुछ नहीं मिलता है, क्योंकि ये मानव तस्कर पहले ही उनके लाखों रुपये ले चुके होते हैं।
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