करनाल में किसानों के प्रदर्शन की फाइल फोटो।
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राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने करनाल के बसताड़ा टोल प्लाजा पर 28 अगस्त को किसानों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर करनाल के डीसी, एसपी से रिपोर्ट तलब की है। रिपोर्ट सौंपने के लिए चार सप्ताह का समय दिया गया है। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने तीन दिन पहले आयोग पहुंचकर इसकी शिकायत दी थी।
हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के कदम का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें किसानों को न्याय मिलने की उम्मीद है। प्रशासन बिना लीपापोती किए निष्पक्ष तरीके से जांच कर आयोग को रिपोर्ट सौंपेगा और तुरंत प्रभाव से दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कांग्रेस ने आयोग को लाठीचार्ज का पूरा घटनाक्रम पेन ड्राइव में दिया था और ज्ञापन सौंपकर किसानों को न्याय दिलवाने की गुहार लगाई थी। आयोग ने कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया था। सैलजा ने कहा कि कांग्रेस सोनिया गांधी और राहुल गांधी के नेतृत्व में किसानों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।
सरकार ने साजिश के तहत कराया लाठीचार्ज: सैलजा
कुमारी सैलजा ने कहा कि काले झंडे दिखाना कोई अपराध नहीं, बल्कि किसान व नागरिक का अधिकार है। बसताड़ा टोल पर हुए लाठीचार्ज की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने साजिश के तहत किसानों पर लाठीचार्ज कराया है और उनके सिर फोड़े हैं। सरकार को लाठीचार्ज का हिसाब चुकाना पड़ेगा।
वह गुरुवार को बसताड़ा टोल प्लाजा पर पहुंचीं और किसानों का हालचाल जाना। इस दौरान उन्होंने लाठीचार्ज को लेकर किसानों से जानकारी ली। बाद में वे गांव रायपुर जाटान पहुंचीं और मृतक किसान सुशील काजल के परिवार को सांत्वना दी। इसके बाद उन्होंने करनाल में लाठीचार्ज के विरोध में हुए कांग्रेस के प्रदर्शन में भी हिस्सा लिया।
नौ माह से तो नहीं हुई कोई हिंसा
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि किसान नौ माह से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। कभी कोई हिंसा नहीं हुई। प्रशासन ने सरकार की शह पर किसानों पर बर्बरता पूर्वक लाठियां बरसाई और उनके सिर फोड़े। लाठीचार्ज का आदेश देने वाले एसडीएम के तबादले पर उन्होंने कहा कि सरकार के इशारे पर एसडीएम ने लाठीचार्ज के आदेश दिए हैं, उसके खिलाफ पूरी कार्रवाई होनी चाहिए।