Haryana Teacher Eligibility Test: हरियाणा में पहले एचटेट की वैधता पांच साल थी। जून 2020 में केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय अध्यापक पात्रता परीक्षा (सीटेट) को सात तक वैध करने के बाद हरियाणा सरकार ने भी इस पर मुहर लगा दी। इसके बाद नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन ने सीटेट की मान्यता को सात साल के बजाय उम्रभर के लिए करने का फैसला लिया।
एक लाख अभ्यर्थियों के एचटेट (हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा) प्रमाण पत्र दिसंबर में रद्दी हो जाएंगे। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी ने साफ कर दिया है कि एचटेट प्रमाण पत्र की वैधता उम्रभर करने के संबंध में कोई नोटिफिकेशन नहीं है और यह सात साल की है। उधर, हरियाणा पात्र अध्यापक संघ ने प्रमाण पत्र की वैधता उम्रभर करने को लेकर जोरदार तरीके से मांग उठाना शुरू कर दिया है।
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हरियाणा में पहले एचटेट की वैधता पांच साल थी। जून 2020 में केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय अध्यापक पात्रता परीक्षा (सीटेट) को सात तक वैध करने के बाद हरियाणा सरकार ने भी इस पर मुहर लगा दी। इसके बाद नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन ने सीटेट की मान्यता को सात साल के बजाय उम्रभर के लिए करने का फैसला लिया।
हरियाणा सरकार ने भी केंद की तर्ज पर एचटेट की मान्यता उम्रभर के लिए करने की घोषणा की थी, लेकिन इसमें पेंच यहां फंसा है कि इस संबंध में केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं की गई। हरियाणा में 12 हजार पीजीटी और टीजीटी शिक्षकों की भर्ती होनी है।
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आयोग दिसंबर से पहले आवेदन मांगता है तो प्रदेश के एक लाख एचटेट पास अभ्यर्थी आवेदन करने के लिए योग्य हैं, अगर भर्ती आगे जाती है तो ये एक लाख युवा सीधे से नौकरी की दौड़ से बाहर हो जाएंगे। वहीं, हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड वर्ष 2022 के लिए हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा का आयोजन करने जा रहा है, जिसके लिए 27 सितंबर आवेदन करने की अंतिम तिथि है।
एचटेट पास अभ्यर्थियों का कहना है कि वर्ष 2015 में उन्होंने पात्रता हासिल की थी। इसके बाद एक बार भी टीजीटी की भर्ती नहीं निकाली गई। अब दिसंबर माह में प्रमाण पत्र के सात साल पूरे हो रहे है तो यह रद्दी जाएंगे। अनिल कुमार, सीमा देवी, रवि देव ने कहा कि केवल पात्र अध्यापकों भीड़ न जुटाई जाए, बल्कि पात्रों के भर्ती निकाली जाए।
अधिकतर हो रहे ओवरऐज, वैधता को उम्रभर : राजेंद्र शर्मा
कोई भी पात्र अध्यापक अपनी उम्र में मात्र से दो से तीन भर्तियां ही देख पाता है। इसके बाद वह ओवरऐज हो जाता है। पात्र अध्यापकों की यह पुरानी मांग है। नेट की तर्ज पर एचटेट को भी उम्रभर के लिए मान्यता दी जाए। एक ही परीक्षा बार बार पास कराना उचित नहीं है। हमें उम्मीद है कि लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ा मामला होने के चलते मुख्यमंत्री यह फैसला लेंगे। -राजेंद्र शर्मा, अध्यापक पात्र संघ, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष।
नौकरियां नहीं तो परीक्षा क्यों : श्वेता ढुल
जब सरकार के पास नौकरियां ही नहीं हैं तो फिर हर साल एचटेट परीक्षा क्यों। 2015 के बाद से टीजीटी की कोई भर्ती नहीं निकली, ऐसे में उन अभ्यर्थियों का क्या कसूर है तो आज भी परीक्षा पास किए भर्ती का इंतजार कर रहे हैं। नेट से समेत तमाम अन्य परीक्षाओं की वैधता उम्रभर के लिए है तो एचटेट की क्यों नहीं। एचटेट पास सर्टिफिकेट की मान्यता उम्रभर घोषित की जाए, सीएम और अन्य ने सालभर पहले इसकी मौखिक घोषणा की थी। श्वेता ढुल, सामाजिक शिक्षाविद्।
हमारे पास कोई नोटिफिकेशन नहीं
हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा प्रमाण पत्रों की वैधता सात साल की है। जहां तक सीटेट की वैधता जीवनभर करने की बात है इस संबंध में आज तक कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं की हुई है। दूसरा, अब हरियाणा सरकार ने सीटेट को ही एचटेट के बराबर मानने से इन्कार कर दिया है। ऐसे में 2015 में परीक्षा पास करने वालों को अगर पात्र बनना तो दोबारा से परीक्षा देनी होगी, क्योंकि सात साल पूरे होने पर उनकी मान्यता नहीं रहेगी। -डा. जगबीर सिंह, चेयरमैन, शिक्षा बोर्ड।