एचएसजीएमसी के खिलाफ पंथक मोर्र्चा लगाने का कार्र्यक्रम रद्द होने के साथ ही मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का इस्तीफा और उनकी जगह उप मुख्यमंत्री सुखबीर बादल का सीएम बनना भी लटक गया।
रविवार की पंथक कांफ्रेंस में बादल ने यह घोषणा करनी थी, लेकिन अकाल तख्त साहिब के आदेश पर इसे रद्द कर दिया गया और सुखबीर से संबंधित ऐलान भी लटक गया।
इस पर शिअद कोर कमेटी की शनिवार को यहां हुई बैठक में मुहर लगनी थी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। बैठक में इस मसले पर कोई चर्चा नहीं हुई।
अकाल तख्त के अंतिम फैसले तक करेंगे इंतजार
तीन घंटे तक चली कोर कमेटी बैठक में अकाल तख्त साहिब के आदेश के बाद पैदा हुई स्थिति पर अकाली दल की लीडरशिप ने विचार किया और इस नतीजे पर पहुंचे कि जब तक अकाल तख्त साहिब एचएसजीएमसी के मामले में कोई अंतिम फैसला नहीं कर लेता, अकाली दल अपनी रणनीति नहीं बनाएगा।
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कमेटी की मीटिंग के बाद पत्रकारों से बातचीत करते कहा कि वह जत्थेदार साहिब से यह नहीं पूछ सकते कि वह फैसला कब करेंगे। इसलिए इंतजार करेंगे।
खुला है कोर्ट जाने का विकल्प
हरियाणा एसजीएमसी के मामले में कोर्ट जाने संबंधी सवाल पर बादल ने कहा, यह विकल्प भी खुला हुआ है, क्योंकि भारत के अटॉर्नी जनरल ने भी राय वही दी है, जो हम लंबे समय से कहते आ रहे हैं।
उन्होंने इस बात को गलत बताया कि पंथ दोफाड़ हो रहा है। उन्होंने कहा, कुछ रिजेक्टड लोग इसे हवा दे रहे हैं। सहारनपुर की हिंसक घटनाओं की निंदा करतेकोर कमेटी ने अपना तीन सदस्यीय शिष्टमंडल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलने के लिए भेजने का फैसला किया। इस शिष्टमंडल में सुखदेव सिंह ढींढसा, स्पीकर चरनजीत सिंह अटवाल और तोता सिंह शामिल होंगे।