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सर्दियां सताए तो न घबराएं, दे सकते हैं मात बस इन नुस्खों को अपनाएं

Tue, 22 Nov 2016 09:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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सर्दी जुकाम
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सर्दियों का लोग बेसब्री से इंतजार करते हैं, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही भारी पड़ सकती है। ऐसे में बीमारियों से बचने के लिए इन नुस्खों को अपनाइए।
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खांसी-जुकामः सर्दियों में खांसी-जुकाम होना आम बात है। नाक और आंखों से पानी आना, लगातार छीकें या खांसी आना, नाक बंद होना, बदन दर्द, सिर या आंखों में भारीपन, हल्का बुखार, गले में खराश के साथ हल्का दर्द जैसे इसके मुख्य लक्षण होते हैं।

ऐसे रोकें: बिस्तर से उठते ही गर्म कपड़े पहनें। सैर या जिम जा रहे हैं तो टोपी जरूर पहनें। फ्रिज से निकाला सामान तुरंत न खाएं। नाक बंद होने पर दिन में दो से तीन बार भाप लें। गुनगुने पानी से गरारे करें। खांसते या छींकते समय मुंह पर हाथ या रुमाल रखें। जिन्हें बार-बार खांसी हो रही, उनसे दूर रहें। बाहर से आने पर हाथ धोएं। मौसमी फलों, सब्जियों का सेवन करें। तीन से चार दिन में जुकाम या खांसी ठीक नहीं होती तो डॉक्टर को दिखाएं।
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सर्दी में अस्थमा भी करता है परेशान

अस्थमा
अस्थमाः ज्यादा सर्दी पड़ने पर कुछ लोगों में सांस की नली सिकुड़ जाती है। जल्दी-जल्दी सांस लेना, सीने में जकड़न या कसाव महसूस होना, सांस के साथ आवाज आना, शरीर के अंदर खिंचाव जैसे इसके लक्षण होते हैं।

ऐसे रोकें: ठंड, धुंध, धूल-मिट्टी और पालतू जानवरों से खुद को दूर रखें। इनहेलर हमेशा साथ रखें। डॉक्टरी सलाह पर सुबह के वक्त सैर पर जाएं। ठंडी चीजों को खाने से बचें। ठंड शुरू होते ही डॉक्टर से सलाह लें।

स्किन की समस्याएं सर्दी में अकसर हो जाती हैं

त्वचा की समस्याएं
त्वचा की समस्याएं: सर्दियां आते ही स्किन समस्याएं जैसे ड्राइनेस, स्किन का फटना, डैंड्रफ आदि का सामना करना पड़ता है। स्किन में खुजली, खिंचाव, जलन, सूजन जैसे लक्षण हो सकते हैं।

ऐसे रोकें: गुनगुने पानी से नहाएं। ज्यादा गर्म पानी न करें। नहाने के बाद पूरे शरीर को अच्छी तरह से पोंछें। नहाने के बाद माइश्चरयुक्त क्रीम लगाएं। सिर भी रोजाना या एक दिन छोड़कर धोएं। सिर को धोने से आधे घंटे पहले गुनगुने तेल से मालिश भी कर सकते हैं।

सर्दियों में माइश्चरयुक्त साबुन का इस्तेमाल करें। नहाने से पहले नारियल तेल से बाडी मसाज करने से भी त्वचा को आराम मिलता है। रोजाना 10-12 गिलास पानी पीएं। ऊनी कपड़ों से पहले कॉटन के कपड़े पहनें। रात को होंठों पर अच्छी क्वालिटी का लिप बाम या मलाई लगा सकते हैं।

सर्दियों में दिल की बीमारियों से बचाव करें

दिल की बीमारी
दिल की बीमारियां: सर्दियों में दिल के मरीजों को ज्यादा एहतियात बरतने की जरूरत रहती है। इस मौसम में अक्सर खून की नलियां सिकुड़ती हैं। इससे ब्लड सप्लाई पर असर पड़ता है। छाती में दर्द या सीने में ऐंठन होना, पसीना, चक्कर आना, सांस फूलना, नींद न आना, हाथों, कंधों, जबड़ों आदि में दर्द होना या उलटी आना, थकान और कमजोरी महसूस होना जैसे लक्षण हो सकते हैं।

ऐसे रोकें: ज्यादा ठंड होने पर सैर न करें। गर्म कमरे से सीधे बाहर न जाएं। यदि हीटर चल रहा है तो उसे दस से 15 मिनट पहले बंद कर दें। गर्म कपड़े पहनकर रखें। सिर पर टोपी लगाए रखें। सर्दियां शुरू होते ही अपने डॉक्टर से जरूर मिलें।

सर्दियों में बुजुर्ग हड्डियों के दर्द से परेशान रहते हैं

हड्डियों की दर्द
हड्डियों की समस्या: सर्दियों में जोड़ों में दर्द की शिकायत रहती है। अक्सर अकड़न की शिकायत रहती है। सीनियर सिटीजन को यह सबसे ज्यादा दिक्कत देखने को मिलती है। दर्द, सूजन, चलने-फिरने में दिक्कत, उठते और चलते समय जोड़ों में अकड़न जैसे लक्षण हो सकते हैं।

ऐसे रोकें: जहां दर्द की शिकायत रहती है, उसे अच्छी तरह से ढक कर रखें। सोने से पहले दर्द वाले हिस्से पर गर्म पानी का तौलिया रखें। करीब 15 मिनट सिकाई करें। यदि डॉक्टर ने एक्सरसाइज बताई है तो जरूर करें। यदि धूप निकली है तो आधे घंटे जरूर बैठें। रोज गुनगुने तेल से मालिश करें।

आम लोग ऐसे रखें सावधानियां

एक्सरसाइज
-सर्दी की शुरुआत में ही कान और पैरों को ढक कर रखें।
-एक्सरसाइज जरूर करें। हफ्ते में पांच दिन 45 मिनट की सैर करें।
-खाने-पीने में तेल, घी, नमक बहुत ही कम हो। तली-भुनी चीजें ज्यादा न खाएं।
- मौसमी फल और सब्जियां जरूर खाएं।
-फ्रिज से निकालकर फल को सीधे न खाएं। आधा घंटे बाहर रखें। फिर इस्तेमाल करें।
-रोजाना दस-12 गिलास पानी पीएं।

सर्दियों में ऐसे करें बच्चे की सुरक्षा

सर्दी
-दो मोटे कपड़ों के बजाए तीन से चार पतले कपड़े पहनाएं।
-सिर, कान और पैर को जरूर ढक कर रखें।
-सुबह के वक्त बच्चों को बाहर न निकलने दें।
-बच्चे को रोजाना गुनगुने पानी से नहलाएं।
-नहाने से पहले तेल से उनकी मालिश करें।
-मालिश और नहाने के बीच कम से कम 15 मिनट का गैप जरूरी है।
-धूप निकली है तो बच्चे को धूप में बैठाएं। धूप अच्छी है तो कुछ कपड़े निकाल सकते हैं।
-डॉक्टर से पूछ कर बच्चे को खिलाएं-पिलाएं।
-सर्दी जुकाम होने पर स्टीम दे सकते हैं, लेकिन स्टीमर के माध्यम से।
-बाजार में स्टीमर 150 से 200 रुपये में मिलता है।
-सर्दी-जुकाम होने पर तरल पदार्थ पिलाते रहें।
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ये कहना है डॉक्टर्स का

doctor shimla
जब भी घर से बाहर निकलें तो कान और नाक को ढक कर निकलें। इससे सीधे हवा शरीर के अंदर नहीं जाएगी। यदि बार-बार खांसी-जुकाम हो रहा है तो डॉक्टरी सलाह पर फ्लू वैक्सीन लगवा सकते हैं। रात के वक्त गुनगुने पानी से गरारे करें। इससे दिन भर के बैक्टीरिया बाहर निकल जाएंगे। तला और बासी खाने से बचें। तन पूरी तरह से ढककर रखें। मौसमी फल और सब्जियां खाएं।
-डा. मनोज गुप्ता, पूर्व सिविल सर्जन एमएन हॉस्पिटल पंचकूला सेक्टर-11

सुबह हवा में सैर न करें। दिन के किसी समय पर आप सैर कर सकते हैं। खाना खाकर वॉक कर सकते हैं। खाना खाने के बाद ब्लड इंसेटाइन पर कनवर्ट कर सकते हैं। लोग तली चीजें खा लेते हैं। रूटीन डाइट लें। फल फ्रूट आइटम रखें।
- डॉ. जीत राम कश्यप, एसोसिएट प्रोफेसर कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट जीएमसीएच-32

ज्यादा गर्म पानी से न नहाएं। नहाने के तुरंत बाद माइश्चर लगाएं। जिनकी ज्यादा सूखी त्वचा है वे नारियल तेल लगा सकते हैं। ऊनी कपड़े के नीचे कॉटन का कपड़ा जरूर हो।
- डॉ. रोहित बंसल, सीनियर स्किन स्पेशलिस्ट बंसल स्किन एंड लेजर सेंटर मनीमाजरा
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