हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) ने शनिवार को सेक्टर-56 की टीन शेड कॉलोनी को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी। सुबह 10 बजे ही इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर मकानों को तोड़ना शुरू किया गया। सीएचबी फिलहाल यहां उन मकानों को तोड़ रहा है, जो कई साल से खाली पड़े हैं।
हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि मलोया में स्मॉल फ्लैट देने के लिए 10 नवंबर को सुबह 11 बजे पहले कंप्यूटराइज्ड ड्रा का आयोजन किया जाएगा। पहले ड्रा में 400 परिवारों को मकान दिया जाएगा। दूसरा ड्रॉ 25 नवंबर, तीसरा 2 दिसंबर और चौथा 10 दिसंबर को किया जाएगा। प्रत्येक ड्रा में करीब 400 लोगों को मकान मिलेगा।
मलोया में हाउसिंग बोर्ड ने 4960 स्मॉल फ्लैट्स का निर्माण किया था, जिसमें से फिलहाल 2445 फ्लैट्स खाली हैं लेकिन कालोनी नंबर चार में अभी 250 लोग ऐसे हैं, जो मकान पाने के हकदार हैं लेकिन किन्हीं कारणों से उनके फॉर्म लंबित हैं। इसलिए हाउसिंग बोर्ड 250 मकान छोड़ अन्य 2195 मकानों को किराये पर देगा।
कालोनी नंबर 4 के करीब 2300 परिवारों को जुलाई 2019 में मलोया के स्मॉल फ्लैट्स में बसाया था। बावजूद इसके कालोनी में अभी कई ऐसे परिवार हैं, जिनके पास बायोमीट्रिक सर्वे हैं लेकिन वह पक्की छत के इंतजार में बैठे हैं। कालोनीवासियों का कहना है कि डेढ़ साल से ज्यादा समय बीत चुका है लेकिन एस्टेट ऑफिस की तरफ से उनके फॉर्म आगे नहीं बढ़ाए जा रहे हैं।
सेक्टर-52 और 56 को लोगों को इन मकानों में रहने के लिए हर महीने 3000 रुपये का किराया चुकाना होगा। इसके अतिरिक्त बिजली और पानी का बिल देना होगा। हर दो साल बाद 8 प्रतिशत और पांच साल बाद 20 प्रतिशत किराया बढ़ाया जाएगा।