हरियाणा सरकार ने साल 2024 के लिए छुट्टियों का कैलेंडर जारी किया है। इसके तहत प्रदेश के कर्मचारियों को 127 छुट्टियां मिल सकेंगी। इनमें 52 रविवार और 52 शनिवार शामिल हैं। इसके अलावा, 14 ऐच्छिक अवकाशों में से कर्मचारी तीन अवकाश ले सकेंगे। इस संबंध में शुक्रवार को हरियाणा के मुख्य सचिव संजीव कौशल ने अधिसूचना जारी की है।
अधिसूचना के अनुसार सरकार ने चार शेड्यूलों में छुट्टियों का विवरण दिया है। पहली अनुसूची में उन सार्वजनिक अवकाशों की सूची है, जिन दिनों हरियाणा सरकार के अधीन आने वाले सरकारी कार्यालय आदि बंद रहेंगे। इन दिनों की कुल संख्या 20 हैं। खास बात ये है कि 9 छुट्टियां शनिवार को पड़ती हैं, ऐसे में कर्मियों को 9 छुट्टियां कम मिल सकेंगी। इनमें से 24 फरवरी को रविदास जयंती, 23 को शहीदी दिवस, 13 अप्रैल वैशाखी व छठ पूजा, 14 अप्रैल डॉ. बीआर आंबेडकर जयंती, 21 अप्रैल महावीर जयंती, 9 जून महाराणा प्रताप जयंती, 22 जून को संत कबीर जयंती, 12 अक्तूबर को दशहरा और 2 नवंबर को विश्वकर्मा जयंती है।
दूसरी अनुसूची में उन 14 वैकल्पिक अवकाशों (रिस्ट्रिक्टेड हॉलिडे) की सूची है, जिनमें से सरकारी कर्मचारी (आउटसोर्सिंग पॉलिसी वाले भी) पूरे कैलेंडर वर्ष में कोई भी तीन अवकाश ले सकते हैं। वर्ष 2018 से पहले इन वैकल्पिक अवकाशों की संख्या हालांकि दो ही होती थी। तीसरी अनुसूची में राज्य में स्थित कोर्ट (अदालतों) को छोड़कर प्रदेश के लिए घोषित 18 सार्वजनिक अवकाशों की सूची है, जो नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 की धारा 25 के अंतर्गत घोषित किए गए हैं। इन्हें आम तौर पर बैंक हॉलिडे भी कहा जाता है, क्योंकि इन अवकाशों के दिन न केवल प्रदेश के सभी तरह के बैंक बल्कि अन्य संगठित व्यापारिक और वाणिज्यिक संस्थान आदि बंद रहते हैं।
पहली बार 14 विशेष दिन तय
सरकार ने पहली बार 14 विशेष दिन भी तय किए हैं। इन दिनों में अवकाश नहीं होंगे बल्कि कार्यक्रम आयोजित कर इन्हें मनाया जाएगा। इनमें 23 जनवरी को नेता जी सुभाष चंद्र बोस जयंती, 11 अप्रैल को महात्मा ज्योतिबा फूले जयंती, 27 अप्रैल को संत धन्ना भगत जयंती, 29 अप्रैल गुरु श्री तेग बहादुर जी जयंती, 5 मई संत सेन महाराज जयंती, 23 मई गुरु गोरखनाथ जयंती, 15 जुलाई कवि बाजे भगत जयंती, 27 महर्षि दक्ष प्रजापति जयंती, 26 अगस्त श्री गुरु जंबेश्वर जी जयंती, 17 सितंबर को भगवान विश्वकर्मा जंयती, 31 अक्तूबर को सरदार वल्लभ भाई पटेल जंयती और 20 दिसंबर को महाराज सूरसैनी जयंती शामिल हैं।