हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी के भतीजे अकांक्ष सेन की हत्या में दोषी करार दिए गए हरमेहताब को एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज राजीव गोयल की अदालत ने बुधवार को मृत्यु तक कैद की सजा सुनाई। साथ ही अदालत ने दोषी पर तीन लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। जैसे ही सजा सुनाई गई, हरमेहताब कोर्ट रूम में ही सिर पकड़ कर बैठ गया। हरमेहताब के वकील ने कहा कि वे इस फैसले से संतुष्ट नही हैं और हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि हत्या को आईपीसी की धारा 300 के तहत डिफाइन किया गया है। वारदात के दिन सेक्टर-9 में दोषी हरमेहताब बेशक गाड़ी नहीं चला रहा था, लेकिन दोनों दोषियों का इरादा एक ही था। हरमेहताब के कहने पर ही अकांक्ष के ऊपर तीन बार गाड़ी चढ़ाई गई। कोर्ट में पेश किए गए सबूत विश्वसनीय हैं। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट और गवाहों के आधार पर दोषी को सजा सुनाई गई है।
हरमेहताब बोला- मेरे साथ हुआ अन्याय
सजा सुनाए जाने के बाद हरमेहताब ने कहा कि उसके साथ अन्याय हुआ है। घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरे को चेक नहीं किया गया। न ही फुटेज को आज तक कोर्ट में पेश किया गया। इससे ही सच्चाई का पता लग सकता था। मेडिकल रिपोर्ट भी पीड़ित पक्ष का समर्थन नहीं करती है। उनका लाई डिटेक्टर टेस्ट भी नहीं कराया गया। हरमेहताब ने कहा कि तत्कालीन एसएचओ पूनम दिलावरी ने उसे गिरफ्तार करने के बाद कहा था कि उनके ऊपर काफी दबाव है। शुरू से ही मामले की जांच को प्रभावित किया गया। यह अपराध मेरे ऊपर जबरदस्ती थोपा गया है।
दोस्त के चक्कर में हुई थी हत्या
नौ फरवरी 2017 को सेक्टर नौ स्थित दीप सिद्धू के घर पर एक पार्टी रखी गई। दीप सिद्धू दोनों ही ग्रुप का कॉमन दोस्त था और उसने पार्टी में दोनों ग्रुप को बुलाया था। उस दिन गगनदीप शेरा और अकांक्ष सेक्टर नौ स्थित बूम बाक्स में बैठे। वहां से वे पार्टी के लिए निकले। उनके साथ अदम्या राठौर व राजन भी थे। पार्टी में दोनों आरोपी हरमेहताब और बलराज आए हुए थे।
पुरानी रंजिश के चलते पार्टी में ही शेरा व बलराज के बीच झगड़ा शुरू हो गया। झगड़ा बढ़ता देख अकांक्ष ने दोनों को शांत कराने की कोशिश की। उसके बाद अकांक्ष अपने दोस्त अदम्या के साथ वहां से चला गया। देर रात अकांक्ष, अदम्या और करणयोग फिर दीपसिद्धू के घर यह देखने पहुंचे कि कहीं झगड़ा दोबारा से तो नहीं हो रहा।
अकांक्ष को देखकर बलराज रंधावा भड़क गया और कहा कि ‘तू शेरा का बॉडीगार्ड लगता है, पहले तुझे ही ठीक करता हूं। शेरा को बाद में देखूंगा।’ यह कहते ही रंधावा ने हरमेहताब को अपने साथ बैठाया और बीएमडब्ल्यूए कार से अकांक्ष को कुचल डाला। अभियोजन पक्ष के अनुसार पहली बार कार चढ़ाने के बाद हरमेहताब ने बलराज को उकसाया और कहा कि वह अभी तक मरा नहीं है। उसके बाद बलराज ने कई बार अकांक्ष पर कार चढ़ाई।
इनकी गवाही ने केस को मजबूती दी
- अदम्या राठौर : अकांक्ष का चचेरा भाई। केस का मुख्य गवाह। वारदात के वक्त मौके पर मौजूद था। अदालत को उसने झगड़े का कारण और झगड़े की जगह के बारे में बताया था।
- गगनदीप शेरा : अकांक्ष का दोस्त। उसने कोर्ट को बताया कि वारदात के दिन अदम्या, अकांक्ष, बलराज रंधावा व हरमेहताब मौके पर मौजूद थे। उसका हरमेहताब व बलराज के साथ पुराना झगड़ा था। हरमेहताब ने उसकी एक फोटो वायरल कर दी थी, जिसमें शेरा को खंभे में बांधकर पीटा गया था।
- करणयोग : अकांक्ष का दोस्त। वारदात के दौरान अकांक्ष के साथ मौजूद था। उसने गवाही दी कि उसके सामने बलराज रंधावा और हरमेहताब ने अकांक्ष पर तीन से चार बार गाड़ी चढ़ाई। इससे अकांक्ष बुरी तरह से घायल हो गया। बाद में करणयोग व अन्य साथी अकांक्ष को लेकर पीजीआई पहुंचे थे।
- राजन पपनेजा : अकांक्ष का दोस्त। हत्या के दौरान मौके पर मौजूद था। राजन ने अदालत को हत्या का आंखों देखा हाल बताया। उसने यह भी बताया कि उसका हरमेहताब के साथ झगड़ा नहीं है और हरमेहताब को झूठे केस में फंसाने का उसके पास कोई मकसद नहीं है।
ये साक्ष्य भी केस के अहम सबूत बने
- बीएमडब्ल्यू पर खून के निशान।
- अकांक्ष की बॉडी पर टायर का निशान मिलना।
- मौके-ए-वारदात पर खून के धब्बे।
- मौके पर मौजूद राजन के कपड़ों पर खून के निशान।
- पुलिस अधिकारियों की गवाही।
- चिकित्सा साक्ष्यों ने गवाहों की गवाही को सपोर्ट किया।
टाइमलाइन
- नौ फरवरी 2017---सेक्टर 9 में अकांक्ष सेन पर चढ़ाई गई गाड़ी। पीजीआई में मृत घोषित।
- 15 फरवरी 2017---हरमेहताब ने चंडीगढ़ अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की।
- 16 फरवरी 2017---हरमेहताब को हरिद्वार से गिरफ्तार किया गया।
- 20 फरवरी 2017---हत्या में इस्तेमाल की गई बीएमडब्ल्यू कार मंडी गोबिंदगढ़ से बरामद।
- 05 मार्च 2017------हत्या के अन्य आरोपी बलराज रंधावा को भगोड़ा घोषित किया गया।
- 06 मई 2017------- चंडीगढ़ पुलिस ने मामले में चार्जशीट दायर की।
- 18 अगस्त 2017----केस की पहली सुनवाई हुई।
- 28 अक्तूबर 2017---अदालत ने हरमेहताब पर आरोप तय किए।
- 15 अक्तूबर 2019----अदालत में मामले की अंतिम बहस खत्म।
- 18 नवंबर 2019-------अदालत ने हरमेहताब को दोषी ठहराया।
- 20 नवंबर 2019 दालत ने हरमेहताब को उम्रकैद की सजा सुनाई।