नेशनल शूटर सिप्पी सिद्धू हत्या के मामले में सीबीआई ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीबीआई का कहना है कि वह यूटी पुलिस से सिप्पी का अनलॉक आईफोन कब्जे में लेकर अपनी दिल्ली स्थित फोरेंसिक लैब में जांच के लिए भिजवाएगी। पुलिस से केस से जुड़ी सारी जानकारी लेने के लिए भी संपर्क किया है। सीबीआई का मानना है कि सिप्पी का आईफोन अगर अनलॉक हो जाए तो केस को सुलझाने में बड़ी सफलता मिल सकती है। दिल्ली मुख्यालय से आदेश मिलने के बाद मामले में सीबीआई की चंडीगढ़ शाखा ने एफआईआर दर्ज की है।
सिप्पी के परिजन सोमवार को भी सीबीआई अफसरों से मिलने की कोशिश करते रहे, लेकिन उनकी मुलाकात नहीं हो पाई। सिप्पी के भाई जिप्पी ने सीबीआई द्वारा मामले में एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद कहा कि अब उन्हें उम्मीद की किरण दिखाई दी है। अब लगता है उनके साथ इंसाफ होगा। अब जज का भी हाईकोर्ट से ट्रांसफर हो चुका है तो सीबीआई पर किसी तरह का दबाव नहीं रहेगा।
जिप्पी का परिवार पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की एक जज की बेटी पर सिप्पी की हत्या का आरोप लगाया था। सिप्पी के परिजनों का आरोप था कि सिटिंग जज की बेटी के हत्या में शामिल होने के कारण ही पुलिस ने उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की थी। परिजन भी काफी लंबे समय से सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे। शहर के प्रशासक और पंजाब-हरियाणा के राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी के आदेशों के बाद यह मामला सीबीआई को हस्तांतरित हुआ था। 22 जनवरी को पुलिस ने कोर्ट में सुनवाई के दौरान बताया था कि केस सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया गया है। इसके बाद 16 अप्रैल को जांच एजेंसी ने केस दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
यह है मामला-
गौरतलब है कि 20 सितंबर,2015 को रविवार देर रात सेक्टर-27 स्थित पार्क के अंदर हाईकोर्ट के वकील और नेशनल शूटर सुखमनप्रीत सिंह सिद्धू का शव पुलिस ने बरामद किया था। पुलिस के अनुसार मृतक के शरीर पर अज्ञात हमलावरों ने चार गोलियां मारी थीं, इस कारण सिद्धू की मौके पर ही मौत हो गई थी। चंडीगढ़ पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर तत्कालीन एसपी सिटी परमिंदर सिंह की अगुवाई में जांच शुरू कर दी थी।