मनीमाजरा। नगर निगम कमिश्नर बी पुरुषार्था ने दरबार लगाकर इलाके के लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान लोगों ने कहा कि सड़कों के किनारे फुटपाथ पर रेहड़ी फड़ी वालों का कब्जा है। इसे हटाकर लोगों को चलने की जगह दिलवाई जाए। निगम कमिश्नर सोमवार सुबह लोगों की समस्या सुनने पहुंचे थे।
माडर्न कांप्लेक्स डुप्लेक्स के कम्युनिटी सेंटर में लगे इस दरबार में ज्वाइंट कमिश्नर वरेंद्र चौधरी व निगम के सभी विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे। कमिश्नर ने लोगों की समस्याएं सुनकर अधिकारियों से पूछा कि समस्याओं का समाधान क्यों नहीं हो रहा है। इस दरबार में ज्यादातर लोेग अपने मकानों की एनओसी न मिलने की समस्या लेकर पहुंचे थे। लोगों ने बताया कि दो साल से उनकी फाइल मनीमाजरा नगर निगम के सब ऑफिस में धक्के खा रही है। बिल्डिंग ब्रांच के कर्मचारी एनओसी नहीं दे रहे हैं।
समाजसेवी रामेश्वर गिरि ने फुटपाथ पर हुए अतिक्रमण का हटाने और एनओसी की प्रक्रिया आसान करने की बात कही। ऑल मनीमाजरा वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान एसएस परवाना, सुभाष धीमान, रामभज, के साथ महिपाल शर्मा, गिरिराज शर्मा, गणेश दत्त पांडे अमित शर्मा, सन्नी ने गलियों का पानी घरों में जाने और पार्किंग बनाने का मुद्दा उठाया। सोनू और महीपाल ने सरकारी शौचालय की हालात खराब होने की बात रखी।
इसी तरह मनीमाजरा व्यापार मंडल के प्रधान मलकीत सिंह ने कंकरीट की गलियों को गलत बताते हुए, मनीमाजरा के सभी बाजारों की सड़क को तारकोल से रीकारपेटिंग करवाने की मांग रखी। मलकीत सिंह ने समाधि गेट मोहल्ले में 40 साल पहले डाली गई सीवरेज की पाइप लाइन को बदलने की बात कही।
माडर्न कांप्लेक्स रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान केएल अग्रवाल, सीनियर सिटीजन के प्रधान अमित ढींगरा, जेसी गुलाटी ने रेलवे फाटक पर ब्रिज बनाने का मुद्दा उठाया।
चार माह बाद भी समस्या का समाधान नहीं
माडर्न कांप्लेक्स रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान रिटा. कर्नल गुरसेवक सिंह ने दरबार में कमिश्नर से कहा कि उन्होंने 5 दिसंबर 2015 को आपके ऑफिस में माडर्न कांप्लेक्स की 14 समस्याएं लिखकर एक पत्र देकर आया था। आपने चार माह बीत जाने के बाद भी एक भी समस्या का समाधान नहीं किया। गुरसेवक ने कहा कि अब वह अपने एरिया की 16 समस्याएं लिखकर दे रहे हैं। आप इनका हल कर दें, तब ही ऐसे दरबार लगाने का फायदा है।
बी पुरुषार्था, नगर निगम कमिश्नर ने बताया कि लोगों की समस्याओं को हल करने के निर्देश अफसरों को दिए गए हैं। हर समस्या का हल निकालने के लिए समय निर्धारित कर दिया गया है। लोगों की समस्याओं पर 15 दिन के अंदर अधिकारी जवाब देंगे। मकानों की एनओसी पर कर्मचारी 30 से 45 दिन के अंदर जवाब देंगे।