हरियाणा व पंजाब के लाखों गन्ना किसानों को बड़ी राहत देते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने नारायणगढ़ शुगर मिल को दिवालिया घोषित करने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। गन्ने की पेराई के सीजन को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने फिलहाल मिल का संचालन हरियाणा सरकार की निगरानी में ही जारी रखने का निर्देश दिया है।
याचिका दाखिल करते हुए नारायणगढ़ शुगर मिल ने बताया कि वित्तीय अनियमित्ताओं और कर्ज की अदायगी न होने के चलते मिल को दिवालिया घोषित करने की प्रक्रिया आरंभ की गई है। याची ने बताया कि गन्ने की पेराई का सीजन चल रहा है और हरियाणा व पंजाब में 31 हजार हेक्टेयर में गन्ने की खेती करने वाले किसान इस मिल पर निर्भर हैं। यदि दिवालिया करने की प्रक्रिया जारी रखी गई और इस प्रक्रिया के दौरान नए अधिकारियों की नियुक्ति की गई तो वह इसे सही प्रकार से पूरा नहीं कर पाएंगे।
गन्ना किसानों का भुगतान अटक जाएगा और सभी किसानों से खरीद भी नहीं हो पाएगी। ऐसा होने से किसानों के बीच असंतोष बढ़ेगा जो सभी के लिए परेशानी पैदा करने वाला होगा। मिल ने कहा कि वित्तीय अनियमितताओं के मामले में आपराधिक मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मिल को दिवालिया घोषित करने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। साथ ही मिल पर आए आर्थिक संकट के निवारण के लिए सभी पक्षों को मिल कर इसका हल निकालने का भी आदेश दिया है।