दो आईएएस की लड़ाई में अफसर निशाने पर
भंडारण निगम के मौजूदा एमडी संजीव वर्मा ने अशोक खेमका के कार्याकाल में हुई नियुक्तियों में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए दर्जनों अधिकारियों की नियुक्ति रद्द की हैं। खेमका के खिलाफ वर्मा पंचकूला के सेक्टर-5 थाने में मुकदमा दर्ज करवा चुके हैं। खेमका ने भी आर्काइव डिपार्टमेंट में वाहन के दुरुपयोग के मामले में संजीव वर्मा और रवींद्र के खिलाफ केस दर्ज करवाया है। दोनों मामले हाईकोर्ट में विचाराधीन है। भंडारण निगम के प्रबंधक पद से बर्खास्त किए प्रदीप कुमार गुप्ता ने हाईकोर्ट में बताया कि वर्तमान व पूर्व एमडी के बीच चल रही लड़ाई के चलते उनको निशाना बनाया गया और नौकरी से हटा दिया गया।
एजेंसियों से जांच की मांग पर हाईकोर्ट कर चुका इन्कार
हरियाणा के दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अशोक खेमका और संजीव वर्मा की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के मामले में दखल से हाईकोर्ट इन्कार कर चुका है। जनहित याचिका दाखिल करते हुए एडवोकेट जगमोहन भट्टी ने हाईकोर्ट को बताया था कि दोनों आईएएस अधिकारियों ने एक-दूसरे के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कराया है। जिस प्रकार से दो आईएएस अधिकारी आपस में भिड़ रहे हैं उससे लोगों में सरकार के प्रति विश्वास कम हो रहा है। याची ने इस मामले में जांच एजेंसियों को जांच करने का निर्देश जारी करने की अपील की गई थी। हाईकोर्ट ने इस मामले में दखल देने से इन्कार करते हुए जनहित याचिका को खारिज कर दिया था।