पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी।
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पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी की आय से अधिक संपत्ति मामले में विजिलेंस द्वारा कोई भी नई धारा जोड़ कार्रवाई करने से पहले हाईकोर्ट की अनुमति अनिवार्य करने की अपील पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने उन्हें जमकर फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने कहा कि वह बार-बार अर्जी दायर कर कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग न करें और अपनी सीमाओं में रहें। हाईकोर्ट के इस रुख के बाद सैनी ने अपनी अर्जी वापस ले ली।
आय से अधिक संपत्ति के मामले में हाईकोर्ट ने 12 अगस्त को सुमेध सिंह सैनी को अंतरिम जमानत देते हुए जांच में शामिल होने का आदेश दिया था। इसके साथ ही यह भी कहा था कि वह अपना पासपोर्ट अदालत में जमा करवाएं और देश छोड़कर न जाएं। विजिलेंस ने सुमेध सिंह सैनी सहित लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी इंजीनियर निमरत दीप सिंह, उसके पिता सुरेंद्र सिंह जसपाल, अजय कौशल, प्रदुमन सिंह, परमजीत सिंह, अमित सिंगला को भी आय से अधिक संपत्ति बनाने व भ्रष्टाचार करने के मामले में नामजद किया था।
सैनी ने हाईकोर्ट में अर्जी दायर कर कहा कि उन्हें अंतरिम जमानत मिलने के बाद विजिलेंस अपनी रणनीति बदलते हुए एफआईआर में नई धाराएं जोड़ कार्रवाई की तैयारी कर रही है। उन्होंने हाईकोर्ट से आग्रह किया कि अगर विजिलेंस उनके खिलाफ कार्रवाई करना चाहे तो पहले हाईकोर्ट की इजाजत ली जाए। हाईकोर्ट ने सैनी की अर्जी पर कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि उन्हें पहले ही अंतरिम जमानत मिल चुकी है और अब बार-बार नई मांग कर वह न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग न करें। हाईकोर्ट के इस रुख के कारण सैनी ने अपनी अर्जी को वापस ले लिया।