यह है मामला
मार्च 2015 में फाजिल्का के जलालाबाद में एनडीपीएस एक्ट में एफआईआर दर्ज की गई थी। इस मामले में गुरदेव सिंह सहित नौ लोगों पर मामला दर्ज किया गया था और बाद में उन्हें एनडीपीएस अधिनियम के तहत दोषी ठहराया गया था। पुलिस ने उनके पास से दो किलो हेरोइन, सोने के 24 बिस्कुट, एक देशी पिस्तौल, एक .315 बोर की पिस्तौल और दो पाकिस्तानी सिम कार्ड बरामद किए थे।
बाद में पुलिस जांच के दौरान खैरा का नाम सामने आया। 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने अतिरिक्त आरोपी के रूप में तलब किए गए खैरा के खिलाफ ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगा दी थी। उन्हें 2015 के ड्रग्स मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में 2021 में प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया था। 2022 में उन्हें जमानत मिल गई। फरवरी 2023 में शीर्ष अदालत ने ड्रग्स मामले में खैरा के खिलाफ समन आदेश को रद्द कर दिया। अब खैरा को 28 सितंबर को पंजाब पुलिस ने उनके चंडीगढ़ स्थित आवास से गिरफ्तार किया है।