वरिष्ठ कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह आरएसएस के खिलाफ बयान देने के मामले में घिर गए हैं।
बम धमाकों के बाद आरएसएस के खिलाफ की गई बयानबाजी के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई सात जुलाई के लिए निर्धारित की है। एडवोकेट ओम प्रकाश बंसल द्वारा महा सचिव के खिलाफ मानहानि की याचिका दाखिल की गई है।
याचिकाकर्ता ने कोर्ट में यह तर्क दिया कि आरएसएस के बारे में दिगविजय सिंह द्वारा दिया गया बयान आरएसएस की छवि को धूमिल कर रहा है।
गौरतलब है कि इससे पूर्व सिरसा कोर्ट ने ओपी बंसल की याचिका को खारिज कर दिया गया था। लोअर कोर्ट के इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है।
याचिका में कहा गया है कि दिगविजय सिंह द्वारा दिए गए बयान, जिसमें उन्होंने कहा था कि आरएसएस के आतंकवादी गतिविधयों में शामिल है।
इसे साबित करने के लिए उनके पास पर्याप्त साक्ष्य हैं। याचिकाकर्ता ने कहा कि यह बयान संघ की छवि को खराब करने के लिए जारी किया गया है और इससे संस्था और इससे जुडे़ लोगों की छवि को नुकसान पहुंचा है।
याचिकाकर्ता ने कहा कि इस बयान के बाद लोगों ने उनसे पूछा कि क्या बम धमाकों में आरएसएस का हाथ था। याचिकाकर्ता ने कोर्ट को कहा कि इस खबर के बाद जनता के बीच उनकी छवि बुरी तरह से गिरी है।