किसी भी कार्यक्रम में हथियारों का महिमामंडन करने पर हाईकोर्ट की रोक के बावजूद नए साल की पार्टी में इन गानों को गाया जाना पंजाब के डीजीपी और गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को भारी पड़ गया। हाईकोर्ट ने इस मामले में दाखिल अवमानना याचिका पर दोनों को नोटिस जारी कर 24 अप्रैल तक जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
अवमानना याचिका दाखिल करते हुए पंडितराव धरेन्वर ने हाईकोर्ट को बताया कि 22 जुलाई 2017 को हाईकोर्ट ने जनहित याचिका का निपटारा करते हुए कुछ अहम आदेश जारी किए थे। हाईकोर्ट ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ को निर्देश दिए थे कि शराब, ड्रग, हिंसा और हथियारों का महिमामंडन करने वाले गाने किसी कार्यक्रम में नहीं चलाए जाएंगे।
साथ ही ऐसा सुनिश्चित करने के लिए हाईकोर्ट ने तीनों के डीजीपी को इसकी जिम्मेदारी सौंपी थी। साथ ही प्रत्येक जिले में आदेश का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी डीसी, एसएसपी/एसपी को सौंपी गई थी। इसका उल्लंघन होने पर उन्हें निजी रूप से जिम्मेदार बनाया गया था। याची ने हाईकोर्ट के आदेश की प्रति डीजीपी को मेल की थी और आदेश का पालन करने के लिए आवेदन किया था। डीजीपी को यह प्रति मिल भी गई थी।
याची ने बताया कि इतना सब होने के बावजूद नए साल की पार्टी के दौरान फॉरेस्ट हिल रिजॉर्ट मोहाली में करण औजला ने सबके सामने हथियारों का महिमामंडन करने वाला गाना ‘मित्रां नूं शौक हथियारा दा’ गाया। इस दौरान न तो पुलिस और न अन्य किसी ने उसे रोका।
इस बारे में याची ने पुलिस को शिकायत दी जो डीजीपी तक भी पहुंची थी लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया गया। इस पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए अब पंजाब के डीजीपी और गृह सचिव को अवमानना का नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।