पंजाब कैबिनेट की गुरुवार को हुई बैठक के दौरान मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की मौजूदगी में ही रिश्वतखोरी के आरोपों को लेकर दो मंत्रियों में भिड़ंत हो गई। दोनों के बीच तू-तू, मैं-मैं की ऐसी स्थिति बनी कि पंजाब भवन के कांफ्रेंस हॉल से बाहर तक आवाज सुनाई देती रही। यह झगड़ा राज्य में एसएसपी और डीएसपी रैंक के अफसरों के तबादले में रिश्वत लेने के आरोपों को लेकर हुआ, जिसमें एक मंत्री ने दूसरे पर पैसा खाने का आरोप लगाया। इस बीच, बैठक में मौजूद मुख्यमंत्री दोनों मंत्रियों का शांत करते रहे। आखिरकार दोनों मंत्री गुस्से में कांफ्रेंस हॉल से बाहर निकल गए।
जानकारी के अनुसार कैबिनेट की बैठक खत्म होने के तुरंत बाद जब मुख्यमंत्री और सभी मंत्री कांफ्रेंस हॉल में ही मौजूद थे, तभी उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि उन पर आरोप लगाया जा रहा है कि उन्होंने पैसा लेकर एसएसपी और डीएसपी के तबादले कराए हैं। इस बारे में रंधावा ने ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा से जानना चाहा तो उन्होंने साफ कर दिया है कि यह आरोप तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार उत्पत्ति मंत्री राणा गुरजीत सिंह ने लगाया है।
इसके बाद रंधावा और राणा गुरजीत में बहस छिड़ गई, जो कुछ ही पलों में तू-तू, मैं-मैं पर बदल गई। शोर इतना ज्यादा था कि कांफ्रेंस हॉल से उठ रही दोनों मंत्रियों की आवाज बाहर तक सुनाई देने लगी। इसका आभास होते ही मुख्यमंत्री ने कांफ्रेंस हॉल का दरवाजा बंद कराया और दोनों मंत्रियों को शांत रहने की हिदायत देने लगे। उन्होंने यह भी कहा कि वह खुद मंत्रियों, विधायकों और स्थानीय नेताओं से विमर्श के बाद ही एसएसपी व डीएसपी के तबादले व नियुक्तियां कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने जैसे-तैसे दोनों मंत्रियों को शांत कराया तो गुस्साए हुए दोनों ही मंत्री कांफ्रेंस हॉल से बाहर निकल गए।