हाईकोर्ट ने इस पर प्रशासन के रवैए पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रशासन मेयर चुनाव को महाभारत बना रहा है और 18 दिन का समय मांग रहा है। 18 दिन में महाभारत की लड़ाई पूरी हो गई थी और 35 पार्षदों के मतदान से मेयर चुनाव के लिए इतनी अवधि मांगी जा रही है, इसे कैसे स्वीकार किया जा सकता है।
कानून-व्यवस्था व्यवस्था की दलील पर फटकार
सुनवाई के दौरान प्रशासन ने कानून-व्यवस्था की दलील दी तो हाईकोर्ट ने कहा कि यहां कोई भारत-पाकिस्तान की लड़ाई नहीं है जो इस तरह की दलीलें दी जा रही हैं। यदि आप चुनाव नहीं करवा सकते तो कह दीजिए कि आप सक्षम नहीं हैं। लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सम्मान दें और जल्द से जल्द चुनाव की तारीख लेकर आएं। पिछली सुनवाई पर प्रशासन ने कहा था कि कानून-व्यवस्था की समस्या के चलते 18 जनवरी को चुनाव नहीं कराए जा सके थे। हाईकोर्ट ने इस पर फटकार लगाते हुए कहा था कि यह डीजीपी की नाकामी है।
हर स्थान की अपनी तकदीर, चंडीगढ़ की भी है
सुनवाई के दौरान बार-बार चुनाव की तारीख पर प्रशासन की ओर से दी जा रही दलीलों पर हाईकोर्ट ने कहा कि हर शहर और हर देश की तकदीर होती है, चंडीगढ़ की भी अपनी तकदीर है जिसे प्रशासन बदल नहीं सकता। प्रशासन के पास कोई सुपरनेचुरल पावर नहीं है जिसका इस्तेमाल किया जा सके। ऐसे में तय प्रक्रिया के अनुसार शहर की तकदीर चुनी जानी चाहिए।