सेहत विभाग की तरफ से गुरुवार को गांव माछीवाड़ा स्थित सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल (गर्ल्स) में टिटनेस का टीका लगते ही 15 छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई। कई छात्राएं बेहोश हो गईं और कुछ को घबराहट होने लगी। सभी को सिविल अस्पताल जीरा में दाखिल करवाया गया। प्रारंभिक इलाज के बाद पांच छात्राओं को छुट्टी दे दी गई जबकि 10 छात्राओं का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
माछीवाड़ा निवासी अभिभावक दविंदर सिंह का कहना है कि उसकी भतीजी सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल (गर्ल्स) माछीवाड़ा में प्लस-टू में पढ़ती है। गुरुवार को सिविल अस्पताल से सेहत विभाग की टीम प्लस वन और टू की छात्राओं को टिटनेस का टीका लगाने आई थी। टीका लगाते ही उनकी भतीजी की तबीयत बिगड़ गई और बेहोश हो कर गिर गई। उसके पेट में तेज दर्द होने लगा।
दविंदर ने बताया कि स्कूल में 15 छात्राओं की तबीयत टीका लगाने के बाद खराब हुई। उसने कहा कि टीका लगाने से पूर्व अभिभावकों से पूछना जरूरी है लेकिन स्कूल स्टाफ ने अभिभावकों से कोई मंजूरी नहीं ली है।
रूटीन टीकाकरण: डॉ. रिश्व दत्त
उधर, सिविल अस्पताल के बच्चों के माहिर डॉ. रिश्व दत्त ने कहा कि टीका लगाने से कई बच्चों को चक्कर आने लगे और कई को घबराहट हुई है। ये सभी बच्चे प्लस-वन व टू के थे। टीका रूटीन में लगाया जा रहा है। ये सरकार की तरफ से अभियान चल रहा है। स्टाफ पहले भी कई स्कूलों के बच्चों को टीका लगा चुका है, ऐसी शिकायत कभी नहीं मिली है। दो 200 बच्चों के टीका लग चुका है। गांव माछीवाड़ा स्कूल के बच्चे अस्पताल में आए हैं, अभी 10 का इलाज चल रहा है। घबराने की कोई बात नहीं है। स्कूल टीचरों ने अभिभावकों से बच्चों को टीका लगाने की आज्ञा ली होती है।