परीक्षा में राजकीय विद्यालयों की पास प्रतिशत 59.74 रही और प्राइवेट विद्यालयों की पास प्रतिशत 69.51 रही है। इस परीक्षा में ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों की पास प्रतिशत 64.39 रही है, जबकि शहरी क्षेत्र के विद्यार्थियों की पास प्रतिशत 65.00 रही है।
लगातार सुधर रहा परिणाम
2015 में पिछड़ने के बाद से पिछले पांच साल से परिणाम में सुधार हो रहा है। पिछले वर्ष 57.39 फीसदी बच्चों ने सफलता पाई थी जबकि इस वर्ष 64.59 फीसदी सफल रहे है। यानी 7.20 फीसदी अधिक। हालांकि स्वयंपाठी विद्यार्थियों के परिणाम में गिरावट आई है। पिछले वर्ष 69.80 फीसदी स्वयंपाठी पास हुए थे जबकि इस वर्ष 62.38 फीसदी ही पास हुए।
पिछले चार वर्षों के परिणाम
- वर्ष शैक्षिक परिणाम स्वयंपाठी परिणाम
- 2020 64.59 62.38
- 2019 57.39 69.80
- 2018 51.15 66.72
- 2017 50.49 35.48
अंक सुधार के मिलेंगे दो अवसर
बोर्ड अध्यक्ष डॉ. जगबीर सिंह एवं बोर्ड सचिव राजीव प्रसाद ने रात करीब साढ़े आठ बजे परिणाम की घोषणा की। उन्होंने बताया की लॉकडाउन (कोविड-19 महामारी) से पूर्व सेकेंडरी परीक्षा के केवल चार विषयों की परीक्षा ही संचालित करवाई जा सकी थी। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा अपनाई गई अंकन नीति अनुसार ही शिक्षा बोर्ड, भिवानी द्वारा भी संपन्न करवाए गए विषयों की परीक्षा के औसत अंकों के आधार पर अंक माने गए हैं और तदानुसार ही परिणाम निकाला गया है।
परीक्षार्थी परीक्षा परिणाम बोर्ड की वेबसाइट पर देख सकते हैं। जो परीक्षार्थी घोषित परिणाम से संतुष्ट नहीं है तो वह बोर्ड की होने वाली परीक्षा में आंशिक अंक सुधार कर सकता है, जिसके लिए परीक्षार्थी को दो अवसर दिए जाएंगे। यह परिणाम 10 जुलाई से संबंधित विद्यालयों/संस्थाओं द्वारा बोर्ड की वेबसाइट पर जाकर अपनी यूजर आईडी व पासवर्ड द्वारा लॉगिन करते हुए डाउनलोड भी किया जा सकेगा।
कोई विद्यालय अगर समय पर परिणाम प्राप्त नहीं करता है तो इसके लिए वह स्वयं जिम्मेदार होगा। उन्होंने बताया कि स्वयंपाठी परीक्षार्थियों के साथ-साथ विद्यालयी परीक्षार्थियों का परिणाम अनुक्रमांक के आधार पर लिया जा सकता है। परीक्षा परिणामों के आधार पर जो परीक्षार्थी अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की पुन: जांच अथवा पुनर्मूल्यांकन करवाना चाहते हैं तो वे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पुन:जांच/पुनर्मूल्यांकन निर्धारित शुल्क सहित परिणाम घोषित होने की तिथि से 20 दिन तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
टॉप-3 में प्रदेश के 15 बच्चे
- विद्यार्थी स्कूल प्राप्त अंक
- ऋषिता टैगोर वमावि, नारनौंद (हिसार) 500
- ऊमा टैगोर वमावि नारनौंद (हिसार) 499
- कल्पना टैगोर वमावि नारनौंद (हिसार) 499
- निकिता मारूती सांवत, जीएनजेएनगोयंका स्कूल, हिसार 499
- स्नेह, टैगोर विद्यालय नारनौंद (हिसार) 499
- अंकिता डीएनहाई स्कूल, खांडा खेडी (हिसार) 499
- चहक, नवयुग हाई स्कूल, नारनौंद(हिसार) 498
- रोहित गीता विद्या मंदिर स्कूल, उचाना मंडी(जींद) 498
- किरण कुमावत रावमा विद्यालय, मसानी (रिवाडी) 498
- हिमांशी टैगोर विद्यालय नारनौंद (हिसार) 498
- अंशु केसीएम पब्लिक विद्यालय निंदाना (रोहतक) 498
- मनू सरस्वती विहार विद्यालय धमालका(रेवाडी) 498
- भूमिका राव दिनाराम विद्या विहार विद्यालय हालूहेरा(रेवाडी) 498
- सलोनी टैगोर विद्यालय मतौर (कैथल) 498
- गर्विता टैगोर वमाविद्यालय, नारनौंद (हिसार) 498