जिस अवधि में 28.3 एमएम बारिश हुई है, इसमें हरियाणा में आम तौर पर 2.8 एमएम बारिश होती है। इस हिसाब से पिश्चमी विक्षोभ की वजह से 911 फीसदी अधिक बारिश हुई है।
पश्चिमी विक्षोभ की वजह से शनिवार को भी हरियाणा में अच्छी बारिश हुई। कुछ क्षेत्रों में हल्की ओलावृष्टि भी हुई। मौसम विभाग के अनुसार रविवार को भी बादल छाए रहेंगे और सोमवार से मौसम साफ होने की उम्मीद है। प्रदेश में एक जनवरी से आठ जनवरी के बीच 28.3 एमएम औसत बारिश हुई जो 911 फीसदी अधिक है। इस अवधि में 2.8 एमएम औसत बारिश होती है। वहीं शनिवार को प्रदेश में 17.9 एमएम औसत बारिश दर्ज की गई।
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एचएयू के मौसम विभाग के विभागाध्यक्ष डा. एमएल खिचड़ के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और अरब सागर से नमी वाली हवाएं आने के कारण कई जिलों में ज्यादा बारिश हुई है। रविवार को कुछ हद तक बादलों का प्रभाव रहेगा। सोमवार से मौसम साफ रहने की उम्मीद है। इधर, शनिवार को तेज हवाओं के साथ बादल छाए रहे।
सुबह के समय कुछ जिलों में बारिश हुई। इससे पहले शुक्रवार देर रात तक तेज हवाओं व बादलों की गड़गड़ाहट के बीच बारिश शुरू हो गई जो पूरी रात जारी रही। शनिवार सुबह लोगों की आंख खुली तब भी बारिश हो रही थी और चारों तरफ जलभराव का नजारा देखने को मिला। गुरुग्राम में प्रदेश में सबसे कम अधिकतम तापमान 16.3 और पंचकूला में न्यूनतम तापमान 12.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
गुरुग्राम में जलभराव
गुरुग्राम। साइबर सिटी में इस बार पूस के महीने में सावन सा नजारा देखने को मिला। शुक्रवार देर रात से ही शुरू हुई बारिश का सिलसिला शनिवार को दिन में भी जारी रहा। इसके चलते शहर में जगह-जगह जलभराव से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जिला प्रशासन की रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार सुबह आठ बजे तक सोहना में सबसे ज्यादा 72 एमएम (मिलीमीटर) बारिश हुई। मानेसर इलाके में 50 एमएम बारिश हुई। नरसिंहपुर व द्वारका एक्सप्रेसवे पर सबसे ज्यादा जलभराव हुआ तो वहीं खेड़की दौला में बनाए गए भूमिगत अंडरपास में भी पानी भर गया। बारिश के बाद शनिवार को बस स्टैंड में भी पानी भर गया। ब्यूरो