हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल।
- फोटो : अमर उजाला
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) इस वर्ष करीब तीन हजार एकड़ भूमि विकसित करेगा। इससे 11 हजार करोड़ रुपये की कमाई होगी। भूमि पर लगभग 2223. 90 करोड़ रुपये की लागत से नई परियोजनाएं तैयार की जाएंगी। पीपीपी मोड पर पंचकूला की राजीव कॉलोनी, इंदिरा कॉलोनी व खड़क मंगोली स्लम क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए सेक्टर-20 व 28 में रिहायशी आवास व एसटीपी के निर्माण के अलावा फरीदाबाद के सेक्टर-78 में इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सिविल सचिवालय में प्राधिकरण की 123वीं बैठक के बाद यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की ई-ऑक्शन नीति पूरी तरह पारदर्शी है, इससे ज्यादा से ज्यादा लोग लाभान्वित हो रहे हैं। बीते वर्ष के दौरान किसानों को लगभग 4 हजार करोड़ रुपये का बकाया भुगतान किया गया है। इस वर्ष लगभग 6 हजार करोड़ रुपये की अदायगी का लक्ष्य निर्धारित किया है। ई-ऑक्शन नीति में 11.461.36 करोड़ रुपये की राशि नीलामी से अर्जित हुई। आवासीय क्षेत्र से 6503.15 करोड़, व्यावसायिक से 3545.48 करोड़ और संस्थागत क्षेत्र से 1412.73 करोड़ रुपये मिले। ई-ऑक्शन से गुरुग्राम मंडल में सबसे ज्यादा 5434 करोड़ रुपये आय हुई।
आईएमएस से एक-एक पॉपर्टी का ब्योरा रखें
एचएसवीपी को इंफार्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम (आईएमएस) से एक-एक प्रॉपर्टी का ब्योरा रखने के निर्देश दिए हैं। प्राधिकरण के पास इससे हर दिन का पूरा डाटा उपलब्ध होगा। हर प्लॉट का ब्योरा, उसकी नीलामी, आवंटन, संबंधित सेक्टर में कितने प्लॉट खाली हैं और कितने विकसित हो चुके हैं, इत्यादि सारी जानकारियां मिलेंगी। प्राधिकरण को एक डैशबोर्ड बनाने के भी निर्देश दिए हैं। प्राधिकरण की यह बैठक एक साल बाद आयोजित की गई, इसे अब हर चार महीने बाद आयोजित किया जाएगा। अगली बैठक 10 अगस्त को होगी।
श्री माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड व अन्य संस्थाओं को मिलेगी जमीन
हरियाणा शहरी प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक अजीत बालाजी जोशी ने कहा कि बैठक के दौरान प्रस्तुतीकरण के माध्यम से कुल 44 एजेंडे रखे गए। श्री माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड को गांव भैंसा टिब्बा की 2.75 एकड़ भूमि की स्वीकृति प्रदान की गई। हिसार, करनाल, गुरुग्राम, फरीदाबाद व हांसी में धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं को चैरिटेबल भवन के लिए जगह दी है। आईआईएम, रोहतक के गुरुग्राम में विस्तार पटल के लिए भी भूमि दी जाएगी। जिन धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं को एचएसवीपी ने भूमि आवंटित की है, वे अपने धार्मिक या सामाजिक स्थल के बाहर दुकान आदि विकसित करती हैं, तो इसके लिए शुल्क अदा कर मंजूरी ले सकती हैं। ग्रुप हाउसिंग के लिए हरियाणा फर्म एंड सोसायटी के अंतर्गत पंजीकृत सोसायटी ही आवेदन कर सकेंगी।