मेवात में सामाजिक क्रांति लाकर बच्चों में शिक्षा की अलख जगाने वाले सुनील जागलान ने अब यहां विश्वविद्यालय की स्थापना का बीड़ा उठाया है। मेवात के हर घर में इन दिनों विश्वविद्यालय की स्थापना को लेकर जहां पोस्ट कार्ड लिखे जा रहे हैं वहीं लड़कियां सेल्फी विद डॉटर के साथ जुडक़र यूनिवर्सिटी खोलने की मांग को लेकर होने वाली महापंचायत की तैयारियों में जुटी हुई हैं।
तमाम समस्याओं के लिए शिक्षा के अभाव को मुख्य कारण माना
पिछले दिनों हुई हिंसा से उबर रहे मेवात का एक रूख यह भी है जहां की तमाम समस्याओं के लिए शिक्षा के अभाव को मुख्य कारण माना गया है। ऐसे में यहां वर्ष 2017 से राष्ट्रपति भवन द्वारा गोद लिए गए गावों में काम कर रहे सुनील जागलान के प्रयासों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुभाष सरकार द्वारा सराहे जाने के बाद उन्होंने राजनीतिक से हटकर केवल शिक्षा के मुद्दे पर नूंह के लोगों को लामबंद कर दिया है।
शिक्षा के क्षेत्र में मेवात आज भी नीचने पायदान पर
सुनील जागलान के अनुसार नूंह जिले की जनसंख्या करीब 13 लाख है। इसके बावजूद यहां की महज दो प्रतिशत लड़कियां ही पोस्ट ग्रेजुएशन व अन्य प्रोफैशनल कोर्सों में जा पाती हैं। शिक्षा के क्षेत्र में मेवात आज भी नीचने पायदान पर है। नूंह में कई स्कूलों को अपग्रेड करवाने के लिए अभियान चला चुके सुनील जागलान के अनुसार नूंह के लोगों द्वारा यूनिवर्सिटी स्थापना की मांग को लेकर दस हजार पोस्टकार्ड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे जा रहे हैं।
यह अभियान बहुत जल्द पूरा होने जा रहा है। इसके बाद सभी पोस्टकार्ड प्रधानमंत्री को भेजे जाएंगे। सुनील ने बताया कि यहां सेल्फी विद डॉटर से जुड़ी लड़कियों द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के तहत बहुत जल्द विश्वविद्यालय की मांग को लेकर महापंचायत का आयोजन किया जा रहा है। यह पहला मौका होगा जब शिक्षा के मुद्दे पर नूंह में महापंचायत होगी।
विधानसभा में मुद्दा उठाएं विधायक
मेवात में सामाजिक क्रांति के वाहक बने सुनील जागलान ने प्रदेश के सभी विधायकों से अपील की है कि वह आज से शुरू होने जा रहे विधानसभा सत्र के दौरान नूंह में विश्वविद्यालय खोलने की मांग उठाएं। उन्होंने कहा कि भले ही इस समय यहां पर अलग-अलग राजनीतिक दलों के विधायक हैं लेकिन विश्वविद्यालय खुलने से आने वाली पीढिय़ों के सामने एक नजीर पेश होगी। इस मुद्दे पर सभी को राजनीतिक दृष्टिकोण से उपर उठकर काम करना चाहिए।