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फिर विवादों में एचएसएससी: शपथ पत्रों की जांच के बिना ही जारी कर दिया एसआई भर्ती का परिणाम

Thu, 18 Nov 2021 01:23 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

सरकार द्वारा सामाजिक आर्थिक पिछड़े लोगों को नौकरी के समय 10 अंक दिए जाते हैं। इनमें जिनके पिता की मौत हो चुकी हो या कोई विधवा हो, उनको 5 अंक दिए जाते हैं। इसी प्रकार, जिनके घर में माता-पिता, पति, पत्नी और बच्चे किसी नौकरी में ना हो तो उसे 5 अंक दिए जाते हैं। वहीं, अनुभव के लिए 8 नंबर तय किए गए हैं। इन कुल 23 नंबर में से अधिकतम 10 अंक दिए जा सकते हैं। 
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हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग
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विस्तार
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नौकरियों को लेकर शुरू से ही सुर्खियों में रहे हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग एक बार फिर कटघरे में है। सब इंस्पेक्टर भर्ती मामले में उम्मीदवारों द्वारा आर्थिक सामाजिक आधार को लेकर दिए गए स्व हस्ताक्षरित शपथ पत्रों की जांच के बिना ही आयोग द्वारा फाइनल परिणाम जारी कर देने पर अब सवाल खड़े किए जा रहे हैं। झूठे शपथ पत्रों की शिकायत के बाद आयोग ने आनन-फानन पुलिस को शिकायत देकर जांच बैठा दी। साथ ही जो काम परिणाम के पहले करना चाहिए था, अब तहसीलदार-एसडीएम से सत्यापित शपथ पत्र मांगा गया है। 

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हरियाणा सरकार द्वारा सामाजिक आर्थिक आधार पर पिछड़ों को सरकारी नौकरियों में 10 अंक दिए जाते हैं। जून में आयोग ने सब इंस्पेक्टर के 465 पदों को लेकर भर्ती निकाली। आर्थिक सामाजिक आधार का लाभ लेने के लिए आवेदन के समय ही उम्मीदवारों को सेल्फ डिक्लेरेशन का शपथ-पत्र मांगा गया था। 

फिजिकल टेस्ट और लिखित परीक्षा के बाद आयोग ने इन्हीं शपथ पत्रों को सही मानते हुए फाइनल परिणाम जारी कर दिया। इसके बाद आयोग के पास झूठे शपथ पत्रों को लेकर शिकायतें आई। खुफिया विभाग से जांच कराई तो शिकायतें सही मिली। इसके बाद से आयोग के अधिकारियों में खलबल मच गई। सामाजिक कार्यकर्ता राजीव वरिष्ठ और एडवोकेट राजेश कुमार ने कहा कि भर्ती का ये तरीका गलत है। कम से कम दस्तावेज तो पहले ही जांच कर लेने चाहिए लेकिन आयोग अपनी कार्यप्रणाली में सुधार के लिए तैयार नहीं है। 
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हस्ताक्षर से पहले खुद तस्दीकर करें, नहीं तो तहसीलदार और एसडीएम होंगे जिम्मेदार
सामाजिक आर्थिक आधार पर बनने वाले शपथ पत्रों को लेकर हरियाणा सरकार ने कहा है कि हस्ताक्षर से पहले तहसीलदार और एसडीएम खुद तस्दीक करें कि संबंधित व्यक्ति इसके लिए पात्र है। अगर शपथ पत्र झूठा पाया गया तो अधिकारी भी इसके लिए जिम्मेदार होंगे। आयोग द्वारा चयनित पुरुष एसआई को पंचकूला के परेड ग्राउंड में सुबह 9 बजे और महिला एसआई को 12 बजे अधिकारियों से सत्यापित शपथ पत्र के साथ बुलाया है। 

जैसे ही आयोग के संज्ञान में आया कि कुछ लोगों ने झूठे शपथ पत्र दिए हैं तो इसकी जांच कराई जा रही है। ऐसे लोगों का न केवल नौकरी के लिए चयन रद्द होगा, बल्कि उनके खिलाफ धोखाधडी़ का केस दर्ज कराया जाएगा। फर्जीवाड़ा किसी तरह से बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। -भोपाल सिंह खदरी, चेयरमैन, एचएसएससी।

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