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Haryana: स्कूल बस हादसा; गुस्से में मुख्य सचिव, दस दिन में हर बस चेक करो, कोई गलत मिले जूते मारो

Fri, 12 Apr 2024 10:33 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़

सार

प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के साथ मुख्य सचिव ने बैठक की। उन्होंने कहा कि भले ही कोई कितना बड़ा हो, किसी को नहीं बख्श्ना है। भविष्य में ऐसा हादसा हुआ तो संचालक व प्रिंसिपल से पहले संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।
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क्रेन के माध्यम से क्षतिग्रस्त स्कूल बस को कनीना थाने में लेकर जाते हुए। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हरियाणा के महेंद्रगढ़ के कनीना में स्कूल बस हादसे के बाद हरियाणा सरकार ने अपने तेवर कड़े कर दिए हैं। मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद ने शुक्रवार को बड़े तल्ख लहजे में डिविजनल कमिश्नर, उपायुक्त, रेंज एडीजीपी, सीपी और जिला एसपी को निर्देश दिया कि अगले दस दिनों में सभी जिलों की एक-एक स्कूल बसों की जांच की जाए, जो बसें नियमों पर खरी नहीं उतरती हैं, उन्हें तुरंत जब्त करें।

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स्कूल संचालकों के बीच इस कार्रवाई का डर दिखना चाहिए। किसी भी नहीं बख्श्ना है। भले ही कोई कितना बड़ा व्यक्ति हो। गलत करने वाले को जूते लगाओ। उन्होंने कहा-भगवान न करे, अगर भविष्य में ऐसा हादसा दोबारा हुआ तो मैनेजमेंट व प्रिंसिपल से पहले संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।

आईपीसी में केस भी दर्ज होगा। उन्होंने कहा- वह व्यक्तिगत रूप से इसकी निगरानी करेंगे और दस दिनों के बाद इसकी समीक्षा करेंगे। उल्लेखनीय है कि महेंद्रगढ़ के कनीना में स्कूल हादसे में छह बच्चों की जान चली गई थी। जबकि चार की हालत नाजुक बनी हुई है।
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मुख्य सचिव ने कहा कि लोक सेवक के रूप में, यह सुनिश्चित करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि स्कूली बच्चों को उच्चतम मानक की सुरक्षित परिवहन सुविधाएं मिलें। यह हमारे लिए शर्म की बात है कि हम बच्चों की सुरक्षा करने में असफल रहे।

इन बच्चों का बलिदान जाया नहीं जाना चाहिए। बच्चों की जान प्रति हमारा यही प्रायश्चित है कि हम बच्चों के लिए अच्छी गुणवत्ता वाली बस व सुविधाएं उपलब्ध करवाएं। उन्होंने सभी अधिकारियों से कहा- मीटिंग के तुरंत बाद सभी जिलों में ऐसा अभियान चलना चाहिए, जिससे शाम तक मेरे पास स्कूल मैनेजमेंट के फोन आएं।

उन्होंने कहा- पहले बड़े स्कूल वालों को पकड़ो। सबकी बारीकी से छानबीन होनी चाहिए। कनीना हादसे से हर परिवार दुखी है। यह हर घर से जुड़ा मामला है। इसलिए कोई भी कोताही नहीं होनी चाहिए। सभी अधिकारियों को स्कूल प्रबंधन द्वारा अनफिट स्कूल बसों को नई बसों से बदलना सुनिश्चित करना चाहिए। यह भी होना चाहिए कि स्कूल बस में प्रशिक्षित ड्राइवर कार्यरत होना चाहिए। हरियाणा को स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक मॉडल राज्य के रूप में उदाहरण स्थापित करना चाहिए।

इसका मतलब है सर्वोत्तम बसें और सर्वोत्तम ड्राइवर। परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव नवदीप सिंह विर्क ने कहा-भविष्य में विभाग द्वारा प्रत्येक स्कूल बस में स्पीड गवर्नर की स्थापना और इसके संचालन को सुनिश्चित किया जाएगा।

मीटिंग के बाद सभी जिलों में चला अभियान
चीफ सेक्रेटरी की मीटिंग के बाद ही पूरे जिलों में स्कूल बसों की जांच के लिए अभियान चलाया गया। हर जिले में ट्रैफिक पुलिस और आरटीए ने जांचें की। गुरुग्राम में सभी निजी बसों को एक मैदान में खड़ा करके जांच की गई। कुछ ही घंटों में दो से ढाई हजार बसों की जांच की गई। जिन बसों के कागज पूरे नहीं थे, उन्हें तत्काल सीज कर लिया गया।

परिवहन मंत्री ने अधिकारियों को लगाई लताड़, अनफिट वाहनों की सूची तैयार करने के आदेश
हादसे के बाद परिवहन मंत्री असीम गोयल ने भी विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की और लापरवाही पर अधिकारियों की लताड़ लगाई। उन्होंने स्कूली बच्चों को फिट व अनफिट वाहनों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए। इसके लिए 20 अप्रैल से विशेष चेकिंग अभियान शुरू होगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा- स्कूल बसों में एल्कोमीटर लगाए जाएं, ताकि कोई चालक शराब पीकर गाड़ी न चला पाए और रोजाना की लॉगबुक भी तैयार की जाए। इसके साथ ही बसों में सीसीटीवी कैमरे और स्पीड गर्वनर लगाना अनिवार्य है। मंत्री ने बस चैकिंग के दौरान लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को हिदायत दी है कि बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, इसलिए अधिकारी व कर्मचारी अपनी कार्यशैली को बदलें।

प्रशासन ने स्कूल को किया टेकओवर, नगर आयुक्त को बनाया प्रशासक
हरियाणा सरकार ने कनीना स्थित जीएल पब्लिक स्कूल को टेकओवर कर लिया है। सरकार ने जिला नगर आयुक्त महाबीर प्रसाद को स्कूल का प्रशासक नियुक्त किया है। स्कूल का प्रबंधन प्रशासक के पास रहेगा। सरकार ने यह निर्णय स्कूल में पढ़ रहे विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए लिया है। इस मामले में अब तक तीन गिरफ्तारियां हो चुकी ळैं। साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

25 के बाद अनफिट वाहन सड़क पर मिला तो संचालक पर होगा केस
उधर, शिक्षा विभाग ने भी सभी जिला शिक्षा अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बैठक की। बैठक में शिक्षा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव जी अनुपमा ने कहा-जो स्कूल संचालक स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए नीति का पालन नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। 25 अप्रैल के बाद यदि कोई ऐसा स्कूल मिलता है, जो अनफिट बसों में बच्चों को लेकर जा रहा है तो उसकी मान्यता रद्द की जाएगी। साथ ही स्कूल संचालक के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए।

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