कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में काम करते दिख रहे नांदल: कार्तिकेय
निर्दलीय उम्मीदवार कार्तिकेय शर्मा ने रिटर्निंग अधिकारी आरके नांदल की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में काम करते दिख रहे हैं। निष्पक्ष चुनाव नहीं करवाया गया। किरण चौधरी और बीबी बत्रा के वोट रदद होने चाहिए। दोनों ने वोट डालने से पहले एजेंट के बजाय बैलेट पेपर दूसरों को दिखाए। 2016 के राज्यसभा चुनाव में भी नांदल विवादों में रह चुके हैं। 2016 में स्याही कांड को लेकर वह चर्चा में आए थे। पेन ही बदल देने से कांग्रेस के 14 वोट रद्द हो गए थे। चुनाव आयोग ने नांदल के खिलाफ जांच बिठाई थी।
जीत का अंकगणित
भाजपा: विधानसभा में 40 विधायक हैं। 90 में से 89 वोट डलने पर उन्हें जीत के लिए 31 ही वोट चाहिए। अगर कांग्रेस के दो विधायकों के वोट रदद होते हैं तो वैध मतों की संख्या कम होकर 87 रह जाएगी। ऐसे में पंवार को जीत के लिए 30 वोट की ही जरूरत होगी। उनका एक वोट निर्दलीय कार्तिकेय को चला जाएगा।
कांग्रेस: कुल 31 विधायक हैं। सभी ने वोट डाला है। कुलदीप बिश्नोई ने किसे वोट डाला, इसका खुलासा नहीं हो पाया। दो वोट रदद करने की मांग है। ऐसा होने और कुलदीप का वोट कहीं और जाने पर कांग्रेस उम्मीदवार माकन के पास 28 वोट ही रह जाएंगे।
कार्तिकेय: भाजपा के नौ, जजपा के 10, छह निर्दलीय, एक हलोपा, एक इनेलो विधायक का वोट मिला है। इनकी संख्या 27 बनती है। अगर कुलदीप का वोट कार्तिकेय को गया है तो उनके 28 वोट हो जाते हैं। कांग्रेस के दो वोट रदद होने पर पंवार का एक वोट कार्तिकेय को आएगा, उससे उनके पास 29 मत हो जाएंगे। यह अंक गणित बैठने से उनकी जीत होगी।