एचसीएस-एलाइड सर्विसेज के सौ पदों के लिए 21 मई को प्रदेश के छह जिलों में परीक्षा हुई थी। सुबह और शाम दो सत्रों में 341 सेंटरों पर सुबह के सत्र में 46,400 और शाम के सत्र में 45,100 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी थी। परीक्षा के लिए कुल 93 हजार ने आवेदन किया था लेकिन दोनों परीक्षाओं में करीब 50 फीसदी हाजिरी रही थी।
कई बार एचसीएस की परीक्षा दे चुकी श्वेता ढुल का आरोप है कि यह सब अपने चेहतों को पास कराने के लिए किया गया है और यह पेपर लीक का मामला है। राज्य सरकार को इस मामले में आयोग और पेपर सेट करने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। अभ्यर्थी अंकुर व अन्य ने एचपीएससी को इस मामले की शिकायत देकर संज्ञान लेने की अपील की है।
परीक्षा में पूछे गए एक जैसे प्रश्न
2023 में प्रश्न संख्या 2022 में प्रश्न संख्या
20 74
14 02
15 04
16 05
17 79
18 80
21 73
47 46
48 48
56 29
57 30
58 12
60 13
61 50
62 51
63 52
64 53
65 54
66 55
67 56
68 16
69 18
70 19
71 20
72 21
73 68
74 69
75 70
76 71
77 72
60 13
80 15
2021 में एचसीएस परीक्षा में सामने आया था बड़ा फर्जीवाड़ा
नवंबर 2021 में एचपीएससी की एचसीएस की प्रारंभिक परीक्षा और डेंटल सर्जन परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया था। इस मामले में विजिलेंस ने लाखों रुपये की रिश्वत के साथ एचपीएससी के उप सचिव अनिल नागर समेत दो दलालों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों ने लाखों रुपये लेकर अभ्यर्थियों की ओएमआर सीट में अंकों में फेरबदल किया था। बाद में आयोग ने इन दोनों भर्तियों को रद्द कर दिया था और दोबारा परीक्षाएं कराई थीं। सरकार ने नागर को बर्खास्त कर दिया था। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने नागर की विधानसभा में व्हाट्सएप चैट पढ़ी थी।
ये बहुत गंभीर बात है। हरियाणा की यह सबसे बड़ी परीक्षा होती है और इतनी संख्या में प्रश्न पिछले साल के प्रश्नपत्र से आना सामान्य बात नहीं है। एचपीएससी परीक्षाओं को लेकर बिलकुल गंभीर नहीं है। इस मामले की जांच होनी चाहिए और आयोग को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। इससे पहले भी नौकरियों को लेकर बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ा जा चुका है। बीबी बतरा, विधायक कांग्रेस, पूर्व चेयरमैन एचपीएससी।
आयोग फर्जीवाड़े के चलते अपनी विश्वसनीयता खो चुका है, इसे तुरंत प्रभाव से भंग किया जाना चाहिए। साथ ही इस परीक्षा को रद्द किया जाए। जहां कटऑफ दो अंकों तक के फ्रैक्शन में रहती हो, वहां 32 प्रश्न लीक होने का अर्थ है पूरी प्रक्रिया का कलंकित हो जाना। आयोग को बर्खास्त करके पूरे घोटाले की उच्च न्यायालय के किसी सिटिंग जज से जांच करवाई जाए। रणदीप सुरजेवाला, राज्यसभा सदस्य व राष्ट्रीय महासचिव कांग्रेस।
परीक्षा में 32 सवाल पुरानी परीक्षा के डालना घोटाले की ओर इशारा कर रहे हैं। यह शक इसलिए अधिक बढ़ जाता है क्योंकि आयोग में पहले भी कई गड़बड़ियां सामने आ चुकी हैं। चेहतों को लाभ पहुंचाने का मामला है। इसकी जांच के लिए सीएम और मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। बलराज कुंडू, निर्दलीय विधायक, महम।
पेपर तैयार करना, छपवाना तमाम कार्य गोपनीय होता है। आयोग पेपर नहीं देखता है। हां, यह सही है कि पिछले साल की परीक्षा के प्रश्न इस बार भी आए हैं। पूरा मामला आयोग के संज्ञान में है। अभी इसको लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया है। पिछले साल की परीक्षा के कितने प्रश्न अगली में आ सकते हैं, इसको लेकर कोई नियम तय नहीं है। मुकेश आहूजा, सचिव, एचपीएससी।