पंचायत से एक कमेटी गठित की, जिसने करीब एक घंटे तक अलग से बैठक कर फैसला तैयार किया। फैसले को दादरी के विधायक सोमबीर सांगवान ने खाप पंचायत के समक्ष रखा। साथ ही कहा गया कि भविष्य में सीबीआई जांच में नए विषय या साक्ष्य आने के मुद्दे इस पंचायत के फैसले के दायरे से बाहर रहेंगे। अदालत की किसी कार्रवाई से पंचायत का कोई ताल्लुक नहीं है।
पंचायत में रखे गए फैसले
- फरवरी 2016 में पूर्व वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु के रोहतक स्थित निवास में आगजनी और तोड़फोड़ व लूटपाट की घटना बहुत ही दुर्भाग्य पूर्ण थी। पंचायत इस पर खेद व्यक्त करती है।
- चौधरी मित्रसेन के परिवार को जिस प्रकार चारों ओर से घेर कर जलाया गया, घर में मौजूद 10 सदस्यों को जिंदा जलाने का प्रयास किया गया, पंचायत उसकी घोर निंदा करती है। पंचायत इस हिंसा में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से शामिल हर व्यक्ति या संगठन की भर्त्सना करती है।
- पंचायत इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि यह कैप्टन अभिमन्यु या उनके परिवार ही नहीं बल्कि पूरे समाज के विरुद्ध साजिश थी। इस साजिश में जो भी लोग सम्मलित रहे हैं यहां तक की शासन-प्रशासन से जुड़े लोग भी इसमें शामिल हैं तो उन सभी की पंचायत निंदा करती है। दिल दहला देने वाली इस घटना के बाद जिस भी व्यक्ति या संगठन ने मिथ्या, अनर्गल या मनगढ़ंत आरोप लगाकर सिंधु परिवार को बदनाम करने का और समाज के भाईचारे को बिगाड़ने की कोशिश की यह पंचायत उसकी भी निंदा करती है।
- भविष्य में सीबीआई जांच में नए विषय या साक्ष्य आने के मुद्दे इस पंचायत के फैसले के दायरे से बाहर रहेंगे। अदालत की किसी कार्रवाई से पंचायत का कोई ताल्लुक नहीं है। पूरा समाज सिंधु परिवार के साथ है।
मकड़ौली सरपंच के बयान पर विवाद
पंचायत के दौरान गांव मकड़ौली के सरपंच ने मंच से कहा कि कुछ लोगों ने भाईचारा बिगाड़ा है। कैप्टन अभिमन्यु को खलनायक के रूप में पेश किया। यूपी से आकर लोगों को भड़काया। इतना कहते ही जाट आरक्षण संघर्ष समिति के कई सदस्यों ने विरोध कर दिया। इस पर दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक बहस होती रही। पंचायत में पहुंचे लोगों ने इसे शांत कराया।
कैप्टन अभिमन्यु के भाई वीर सेन ने पंचायत पर छोड़ा मामला
वहीं पंचायत में सिंधु परिवार को ओर से कैप्टन अभिमन्यु के भाई वीर सेन मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि खापों ने हिंसा रोकने में नाकामी पर खुद पर जो जुर्माना लगाया है वह वापस होना चाहिए लेकिन खापों ने इसे मानने से मना कर दिया। इस पर वीर सेन ने कहा कि पंचायत ने जो फैसला किया है उन्हें वह मान्य है।