हरियाणा में खेल कोटा से सीधा भर्ती हुए 12 डीएसपी को अभी किसी भी तरह की राहत नहीं मिली है। इन सभी ने अपनी नियुक्ति के दिन से वरिष्ठता देने की मांग की है जबकि सरकार उनको यह लाभ नही दे रही। गुरुवार को सरकार की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि नियमों के अनुसार कंफर्म होने की तिथि से ही वरिष्ठता का लाभ दिया जा सकता र्है।
कन्फर्म होने से पहले विभाग द्वारा तय ट्रेनिंग व अन्य विभागीय औपचारिकता पूरी करनी होती है। खेल कोटा से सीधा भर्ती हुए कुछ डीएसपी द्वारा यह पूरी नहीं की गई है। बहस के दौरान याची पक्ष की ओर से यह भी कहा गया कि इन सभी को काम करते हुए कई साल हो चुके हैं ऐसे में अब इनको अब तो कन्फर्म कर वरिष्ठता का लाभ दिया जा सकता है।
सरकार ने नियमों का हवाला देकर ऐसा करने से मना कर दिया। बेंच ने सभी पक्षों को सुनने के बाद मामले की सुनवाई 12 मई तक स्थगित कर दी। हरियाणा में डीएसपी पद पर तैनात ममता खरब, जोगिंदर शर्मा, गीतिका जाखड़, सरदार सिंह व अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर वरिष्ठता क्रम को चुनौती दी है।
याचिकाकर्ताओं को अभी तक कन्फर्म नहीं किया गया है जिसके चलते वे वरिष्ठता में पिछड़ रहे हैं। वरिष्ठता जोड़ने का पैमाना डीएसपी के तौर पर कन्फर्म होने की तिथि है और ऐेसे में याचिकाकर्ता को कन्फर्म न किए जाने के कारण वे पिछड़ रहे हैं। याची ने अपील की कि उनकी नियुक्ति की तिथि से उनका कन्फर्म किया जाए ताकि वे प्रमोशन का लाभ पा सके। हाईकोर्ट से अपील की गई कि कन्फर्म होने की तिथि से नहीं बल्कि नियुक्ति की तिथि से वरिष्ठता जोड़ी जाए।