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हरियाणा : पांच करोड़ से अधिक खरीद की वेबसाइट पर डालनी होगी जानकारी

Mon, 30 Aug 2021 12:51 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़

सार

  • हरियाणा के मुख्य सचिव ने सभी मंडलायुक्तों और प्रबंध निदेशकों को जारी किए आदेश
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demo pic - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सार्वजनिक खरीद प्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए हरियाणा सरकार ने अहम फैसला लिया है। फैसले के तहत अब पांच करोड़ से अधिक की खरीद करने पर विभाग को इसकी पूरी जानकारी वेबसाइट पर देनी होगी। 

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इस संबंध में मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, सभी मंडलायुक्तों, सभी बोर्डों, निगमों एवं प्राधिकरणों के प्रबंध निदेशकों एवं मुख्य प्रशासकों को एक पत्र जारी किया गया है। अब सभी विभागों, बोर्डों, निगमों, प्राधिकरणों, वैधानिक निकायों, समितियों एवं मिशनों को पांच करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की खरीद पर खरीद करने वाली एजेंसी, विभाग, जिला का नाम, कार्य एवं आपूर्ति का दायरा, कार्य को पूरा किए जाने की अवधि, कुल मूल्य, जिस एजेंसी को कार्य दिया है, उसका नाम और आवंटन एवं कार्य आदेश की तिथि जैसी सभी जानकारी अपनी विभागीय वेबसाइट के साथ-साथ उद्योग विभाग की नोडल वेबसाइट https://dsndharyana.gov.in/ पर भी उपलब्ध करवानी होगी।

आपूर्ति एवं निपटाना निदेशालय को सॉफ्टवेयर डेटा फॉर्मेट और सभी सार्वजनिक खरीद एजेंसियों के लिए यूजर्स लॉगइन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि वे राज्य खरीद वेबसाइट पर तत्काल जानकारी उपलब्ध करवा सकें। ये भी निर्देश दिए गए हैं कि सभी सार्वजनिक एजेंसियों के मुख्य जांच अधिकारी हर महीने वेबसाइट पर ठेकों एवं निविदाओं की जानकारी अपलोड करने के लिए जिम्मेदार होंगे और हर मास इस संबंध में नवीनतम जानकारी के लिए मुख्य सचिव कार्यालय को प्रमाण पत्र भी भेजेंगे।
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बता दें कि इससे पूर्व भी सरकार ने इस दिशा में निर्णय लिया था कि किसी भी सरकारी विभाग, बोर्ड या निगम में कार्यरत ऐसे किसी भी आईएएस, एचसीएस, एचपीएस और एचएफएस अधिकारी को पब्लिक डीलिंग वाले फील्ड कार्यालय या पद पर नियुक्त नहीं किया जाएगा, जिनके विरुद्ध बड़ी सजा की विभागीय कार्रवाई लंबित है।

यह भी निर्णय लिया गया है कि यदि उक्त अधिकारियों के विरुद्ध सक्षम प्राधिकरण द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत अभियोग चलाने की सिफारिश की जाती है या उनके विरुद्ध सीबीआई या राज्य चौकसी ब्यूरो द्वारा जांच का मामला दर्ज किया गया है तो भी उन्हें  ऐसे किसी भी फील्ड कार्यालय या पद पर नियुक्त नहीं किया जाएगा।

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