नियमित करने और वेतन बढ़ोतरी की मांग कर रहे हरियाणा के गेस्ट टीचर दोफाड़ गए हैं। मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ गत 9 दिसंबर को चंडीगढ़ में हुई मीटिंग पर अलग-अलग बयान के कारण यह संगठन दोफाड़ हुआ है।
अतिथि अध्यापक संघ 22 के महासचिव राजेंद्र शास्त्री ने बयान जारी कर कहा है कि कुरुक्षेत्र में गत रविवार को गेस्ट टीचरों की बैठक में अरुण मलिक को प्रधान पद से हटाने का फैसला हुआ है।
उन्होंने कहा कि बैठक में मुख्यमंत्री के साथ हुई बातचीत पर चर्चा हुई थी। इसमें तय हुआ है कि प्रधान अरुण मलिक गेस्ट टीचरों को गुमराह कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने गेस्ट टीचरों को नियमित करने और पूरा वेतन देने से साफ मना कर दिया था। मुख्यमंत्री वेतन में सिर्फ पांच-सात फीसदी बढ़ोतरी की बात कर रहे थे जबकि मलिक ने बैठक को सकारात्मक बताकर गुमराह किया।
इसलिए मलिक को प्रधान पद से हटा दिया गया है। अब 21 सदस्यीय समिति गठित की है और 25 दिसंबर को गेस्ट टीचरों के अन्य सब संगठनों को जींद बुलाया है। आगामी आंदोलन संयुक्त रूप से लड़ा जाएगा।
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मैंने दूसरा संगठन खड़ा कर लिया : मलिक
अरुण मलिक ने कहा कि उन्होंने सोमवार (16 दिसंबर) को दूसरा संगठन खड़ा कर लिया है। अब उनके संगठन का नाम हरियाणा अतिथि अनुबंधित अध्यापक संघ है। मलिक ने कहा कि 9 दिसंबर को मुख्यमंत्री ने वेतन बढ़ोतरी में सात-आठ फीसदी की बढ़ोतरी करने की बात कही थी और नियमित करने के मुद्दे पर कहा था कि वे कोई न कोई समाधान ढूंढ रहे हैं। मलिक ने कहा कि उन्होंने 22 दिसंबर को करनाल में बैठक बुलाई है। उसके बाद वे मुख्यमंत्री से फिर मिलेंगे।