हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर
- फोटो : अमर उजाला
लोगों के लिए बड़ी राहत भरी खबर। अब सरकारी विभागों में भाषा संबंधी दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा। क्योंकि हरियाणा सरकार ने जनसाधारण की भाषा सम्बंधी समस्या को ध्यान में रखते हुए अपने सभी विभागों, बोर्डों, निगमों, आयोगों, समितियों और शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने फार्मों व आवेदन पत्रों का हिन्दी व अंग्रेजी दोनों भाषाओं में स्पष्ट अनुवाद करवाएं और अपनी विभागीय वेबसाइट पर अपलोड करना सुनिश्चित करें।
हरियाणा के मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने बुधवार को बताया कि भारत सरकार की नियमावली 1976 के नियम 11 के अनुसार देशभर में केन्द्र सरकार के कार्यालयों, उपक्रमों, बैंकों, अधिकरणों और आयोगों के सभी फार्म हिन्दी में होने अनिवार्य हैं। इसके अनुसार, हिन्दी के अक्षर अंग्रेजी से छोटे नहीं होने चाहिए और हिन्दी के अक्षर अंग्रेजी से पहले अथवा ऊपर होने चाहिए।
उन्होंने बताया कि चूंकि हरियाणा की राजभाषा हिन्दी है और सरकार द्वारा विभिन्न पत्रों के माध्यम से अपने सभी कार्यालयों को हिन्दी में कार्य करने के लिए निर्देश पहले भी समय-समय पर जारी किए गए हैं। लेकिन सरकार के ध्यान में आया है कि विभिन्न विभागों, आयोगों और शिक्षण संस्थानों से सम्बंधित फार्म केवल अंग्रेजी भाषा में हैं, जिसके कारण जनसाधारण को इन्हें समझने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि सरकार ने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है और निर्देशों की अवहेलना करने वालों के विरूद्ध कार्रवा?ई की जाएगी। मुख्य सचिव ने बताया कि इस आशय का एक पत्र सभी विभागाध्यक्षों, बोर्डों, निगमों व समितियों, मण्डलायुक्तों, आयुक्तों, उप-मण्डल अधिकारियों (नागरिक), पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार और सभी जिला व सत्र न्यायाधीशों और प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों को जारी किया गया है।