हरियाणा में सीईटी परीक्षा के बाद चार गुना अभ्यर्थियों को बुलाने के फार्मूले को हरियाणा सरकार खत्म करने जा रही है। मौजूदा भर्ती को छोड़कर आने वाले दिनों में हरियाणा में 15 गुना उम्मीदवारों को बुलाए जाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए हरियाणा सरकार सीईटी नीति में संशोधन करने जा रही है। चार गुना फार्मूले को लेकर प्रदेश के युवाओं में रोष है और विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है।
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री से जब पूछा गया कि हरियाणा के युवाओं सहित विपक्ष द्वारा सीईटी के मुद्दे पर विरोध किया जा रहा है। कांग्रेस का कहना है कि यूपी, राजस्थान में 10, 12 गुना तक उम्मीदवार बुलाए जा रहे हैं तो हरियाणा में क्यों नहीं? इस पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि सीईटी के मामले में विज्ञापन के समय से ही चार गुना बुलाए जाने का नियम था। आगे की भर्तियों में इस नियम में संशोधन पर विचार किया जा रहा है। इसकी समीक्षा कर फैसला लिया जाएगा।
हरियाणा में भी 15 गुना तक उम्मीदवार बुलाए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी नौकरियों के लिए हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा संयुक्त पात्रता परीक्षा (सीईटी) का आयोजन किया जाता है। उम्मीदवार को यह अवसर दिया जाता है कि वह अपनी शैक्षणिक योग्यता के अनुसार पदों का विकल्प चुन सकता है।
हरियाणा में बना बड़ा मुद्दा
विदित रहे कि ग्रुप सी के 32 हजार पदों के लिए सीईटी पास तीन लाख 59 हजार परीक्षार्थियों में से भर्ती प्रक्रिया चल रही है। कर्मचारी चयन आयोग का कहना है कि पदों के चार गुना उम्मीदवारों को ही स्क्रीनिंग परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा। जिस कारण परीक्षा पास प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाले युवाओं में रोष है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस सहित विपक्षी दल भी लगातार इस मामले में सरकार पर हमलावर हैं।