चंडीगढ़ में पत्रकारों से बात करते पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा।
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हरियाणा कांग्रेस विधायक दल की बैठक में कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलनरत किसानों के समर्थन में पारित प्रस्ताव में कहा गया कि किसानों की मांगे पूरी तरह जायज हैं। ये आंदोलन पूर्ण रूप से लोकतांत्रिक और शांतिप्रिय तरीके से चल रहा है। निश्चित तौर पर किसान संगठन आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं लेकिन एक जिम्मेदार विपक्ष के तौर पर तमाम कांग्रेस विधायक और पार्टी किसानों का समर्थन करते हैं। वहीं किसान आंदोलन में कारसेवा की बात भी कही।
बैठक के बाद पूर्व सीएम एवं नेता विपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि 36 दिनों से प्रदेश का अन्नदाता आंदोलनरत है। वो दिल्ली बॉर्डर समेत पूरे प्रदेश में कड़कड़ाती ठंड और खुले आसमान के नीचे धरना दे रहा है। 36 दिनों में 42 किसानों की जान जा चुकी है। ऐसे गंभीर हालात में किसानों के मुद्दे पर चर्चा जरूरी है। इसलिए हमने 7 दिसंबर को राज्यपाल के नाम एक पत्र लिखा था, जिसमें विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की थी। लेकिन राज्यपाल ने आज तक उस मांग को नहीं माना। इतना ही नहीं राज्यपाल ने कांग्रेस विधायकों से मिलने से भी इंकार कर दिया, वो भी बिना कारण बताए।
हुड्डा ने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में पहली बार देखा है कि राज्यपाल इस तरह विपक्ष को मिलने से इंकार कर रहे हैं। विधायक दल की बैठक के बाद उन्होंने फिर से राज्यपाल को पत्र लिखा है और जल्द विधानसभा सत्र बुलाने की मांग की है।
हालात ऐसे हो चले हैं कि राज्यपाल अपनी संवैधानिक शक्तियों का इस्तेमाल करके सत्र नहीं बुला रहे हैं और गठबंधन सरकार अविश्वास प्रस्ताव का सामना करने से भाग रही है, क्योंकि ये सरकार जनता और विधायकों का विश्वास खो चुकी है। दो महीने में सरकार को दो बड़े झटके लग चुके हैं। बरोदा उपचुनाव के बाद गठबंधन को स्थानीय निकाय चुनावों में भी करारी हार का सामना करना पड़ा है।
पहली जनवरी को किसान आंदोलन में कार सेवा करेंगे विधायक
विधायक दल की बैठक में निर्णय लिया गया कि पहली जनवरी को सभी विधायक दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन में शामिल होकर कार सेवा करेंगे। भूपेंद्र हुड्डा ने बताया कि सभी विधायक धरनों में पहुंच हर वह काम करेंगे जो किसान कर रहे हैं। चाहे वह खाना बनाना हो, बर्तन साफ करना या फिर लंगर बांटना।