इसके लिए कृषि विभाग में 2023 के लिए विशेष रूप से कार्यशालाओं गोष्ठी, मेले व प्रशिक्षण शिविरों के लिए विशेष योजना तैयार की जाएगी। ताकि इन फसलों को पीडीएस, मिड-डे मील व अन्य राज्य की कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से आम लोगों की खाद्य आदतों में शामिल किया जा सके।
बीमारियां होती हैं खत्म
इस अवसर पर डॉ. खादर अली (मिलेट मैन ऑफ इंडिया) ने कहा कि मोटे अनाज (मिलेट्स) की पौष्टिकता के महत्व बारे लोगों को जागरूक करना बहुत जरूरी है। पोषक-अनाज से काफी बीमारियां खत्म हो जाती है। उन्होंने बताया कि यह अनाज शरीर को पोषण देने और ठीक करने की क्षमता के लिए पहचाने जाते हैं। बड़ी मात्रा में फाइबर, खनिज और प्रोटीन से युक्त, ये अनाज पोषण का एक पावर हाउस हैं। जो प्रचलित जीवनशैली रोगों का इलाज और प्रबंधन कर सकता है जैसे कि मधुमेह, रक्त शर्करा, उच्च रक्तचाप, हाईपरथायरायडिज्म आदि है।
उन्होंने कह कि भोजन में कोदरा, कंगनी, कुटकी, स्वंक, हरी कंगनी, ज्वार, बाजरा, रागी और चीना आदि का प्रयोग करना चाहिए। स्वस्थ भोजन बीमारियों को कंट्रोल करता है। इस अवसर पर हरियाणा राज्य भंडारण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉ शालीन, खेती विरासत मिशन से उमेंद्र दत्त सहित कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहें।