हरियाणा सरकार इस वर्ष से किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘किसान रत्न पुरस्कार’ शुरू करने जा रही है। इसमें पुरस्कार स्वरूप पांच लाख रुपये नकद व एक प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया जाएगा। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ ने हरियाणा पंचायत भवन, चंडीगढ़ में यह घोषणा की। धनखड़ हरियाणा सरकार की ओर से पद्मश्री-2019 पुरस्कार के लिए चयनित किसानों को सम्मानित करने के मौके पर बोले रहे थे।
धनखड़ ने पीएम नरेंद्र मोदी का देश के 12 किसानों को सर्वोच्च सम्मान देने के निर्णय पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इनमें हरियाणा की पांच विभूतियां भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि वे हरियाणा किसान आयोग व कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारियों की भी सराहना करते हैं जिन्होंने पद्म पुरस्कारों की घोषणा होने के 5 दिनों के बाद ही हरियाणा के विजेताओं के लिए सम्मान समारोह का आयोजन किया है।
हरियाणा देश का पहला राज्य बन गया है, जहां पद्म विजेताओं को सम्मानित किया गया है। लगातार चौथा कृषि शिखर नेतृत्व करने वाला भी हरियाणा देश का एकमात्र राज्य है। इस वर्ष कृषि शिखर नेतृत्व का आयोजन 15 से 17 फरवरी, 2019 तक अंतरराष्ट्रीय फल एवं सब्जी टर्मिनस मंडी गन्नौर, सोनीपत में होगा। उन्होंने बताया कि अब तक 38 किसानों को इन समारोहों में रत्न उपाधि से सम्मानित किया जा चुका है चव हर श्रेणी में एक-एक लाख रुपये के पुरस्कार दिए जाते हैं।
इसके अलावा कृषि मेले में उपस्थिति दर्ज करवाने वाले किसानों के लिए भी प्रतिदिन पांच पुरस्कार दिए जाएंगे, जिन में दो ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल तथा महिलाओं के लिए स्कूटी के लिए ड्रा निकाला जाएगा।
धनखड़ ने बताया कि कृषि एवं पशुपालन क्षेत्र में पद्मश्री से सम्मानित व्यक्ति युवा किसानों के लिए प्रेरणास्रोत होंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को हासिल करने की हरियाणा द्वारा की गई पहल को निश्चित रूप से आगे बढ़ाएंगे।
हरियाणा के दर्शन लाल जैन को सामाजिक कार्यों के लिए पद्मभूषण से, कंवल सिंह चौहान को कृषि, नरेंद्र सिंह व सुलतान सिंह को पशुपालन एवं डेयरी व पहलवान बजरंग पूनिया का खेल क्षेत्र में पद्मश्री पुरस्कार के लिए चयन हुआ है।