खेल मंत्री ने बताया कि खिलाड़ियों के लिए डाइट विशेषज्ञ तैनात किए जाएंगे ताकि वे खिलाड़ियों को बता सकें कि उन्हें किस तरह का खाना खाना है। खिलाड़ियों के लिए डाइट सुविधाएं भी बढ़ाने जा रहे हैं। खेल विभाग में मेडल लाने वाले खिलाड़ियों को ऐसी नौकरी दी जाएगी जिससे वह अपना खेल भी जारी रख सकें और नई पीढ़ी को भी खेलों के लिए तैयार करें।
दूसरे विभागों में तैनाती से खिलाड़ियों के खेल पर ब्रेक तो लगता ही है, साथ ही नई पीढ़ी को उनके अनुभव का लाभ नहीं मिल पाता। उन्होंने कहा कि नीरज चोपड़ा के गोल्ड मेडल लाने से ट्रेक एंड फील्ड खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ा है। सरकार अब इन खेलों पर ज्यादा ध्यान देगी ताकि आगामी पेरिस ओलंपिक में मेडल की संख्या बढ़ाई जा सके।
2024 ओलंपिक के लिए यह रहेगी रणनीति
- बचपन से ही खेल के प्रति खिलाड़ियों को तैयार किया जाएगा
- यूथ गेम्स-2022 से युवा खिलाड़ियों को पेरिस के लिए तैयार करेंगे
- अच्छे ट्रेनर्स और साइंटिफिक कोचिंग दी जाएगी
- स्कूल स्तर से खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने की योजना
- स्कूली खेलों को और बढ़ाया जाएगा, प्रतिस्पर्धा पैदा करेंगे
खिलाड़ियों को शुरू से दें वित्तीय-चिकित्सीय सुविधा: बिजेंदर
बॉक्सर बिजेंदर सिंह ने कहा कि चढ़ते सूरज को सभी सलाम करते हैं। सरकार को शुरू से ही खिलाड़ियों को वित्तीय व चिकित्सीय मदद मुहैया करानी चाहिए। स्कूल, कॉलेज, राज्य व राष्ट्रीय स्तर की सभी खेल प्रतियोगिताओं के लिए सभी सुविधाएं निशुल्क मिलनी चाहिए। इससे खिलाड़ी को तैयारी में कोई दिक्कत नहीं होगी।