उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हरियाणा सरकार ने दीपावली के अवसर पर राज्य के लोगों को बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने प्रदेशवासियों के हितों के ध्यान में रखते हुए पेट्रोल व डीजल की कीमतों को लेकर बड़ा फैसला किया है। वैट की दरें कम होने से हरियाणा में पेट्रोल व डीजल दोनों की कीमतों में कमी हुई है। भविष्य में भी जनहित को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिए जाएंगे।
विपक्ष का गणित
विपक्ष का कहना है कि वैट एक्ट 2003 में शेड्यूल ए व डी में सीरियल नंबर 3, कॉलम 3 में पेट्रोल की एंट्री है और सीरियल नंबर 4, कॉलम नंबर 3 में डीजल। पेट्रोल पर वैट 25 प्रतिशत की जगह 18.20 प्रतिशत कर दिया पर मिनिमम रेट में केवल 72 पैसे का लाभ दिया है। डीजल का वैट 16.40 प्रतिशत से घटा कर 16 प्रतिशत कर दिया लेकिन न्यूनतम रेट (जिस पर वैट हर हाल में लिया ही जाएगा) पहले 10.08 रुपये था, उसे बढ़ाकर 11.86 रुपये कर दिया है।
सात दिनों में कितना अंतर
- पेट्रोल (प्रति लीटर)
- 30 अक्तूबर 106.69
- 31 अक्तूबर 107.03
- 1 नवंबर 107.43
- 2 नवंबर 107.78
- 3 नवंबर 107.78
- 4 नवंबर 101.88
- 5 नवंबर 96.06
डीजल (प्रति लीटर)
- 30 अक्तूबर 98.63
- 31 अक्तूबर 98.97
- 1 नवंबर 99.38
- 2 नवंबर 99.38
- 3 नवंबर 99.38
- 4 नवंबर 87.58
- 5 नवंबर 87.27
प्रति एकड़ 36 रुपये की होगी बचत
खेतों में अधिकतर डीजल का इस्तेमाल किया जाता है। प्रदेश में 80 लाख एकड़ खेती योग्य जमीन है। इस समय प्रति एकड़ बुआई करने के लिए 500 रुपये लिए जाते हैं। किसानों का कहना है कि प्रति एकड़ ट्रैक्टर में तीन लीटर डीजल लग जाता है। डीजल का रेट 12 रुपये सस्ता होने पर इस हिसाब से प्रति एकड़ 36 रुपये कम खर्च आएगा। अगर कुल भूमि का हिसाब लगाए जाए तो प्रदेश में किसानों के 28 करोड़ 80 लाख रुपए बचेंगे। इसी प्रकार, जहां पर डीजल से ट्यूबवेल चलाए जाते हैं, वहां भी किसानों के पैसे बचेंगे। खरीफ के सीजन में 47 लाख और रबी के सीजन में प्रदेश में 33 लाख एकड़ में बिजाई की जाती है।
सरकार चाहे तो डीजल-पेट्रोल की कीमत और नीचे ला सकती है, क्योंकि अभी इसमें काफी गुंजाइश है। किसानों के खर्च कम करने के लिए सरकार को इसमें और आगे बढ़कर फैसला लेना चाहिए। - रतनमान, प्रदेशाध्यक्ष, भाकियू।
रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकारों ने पेट्रोल-डीजल पर ताबड़तोड़ टैक्स लगाकर जनता की जेब काटने का काम किया है। अकेले साल 2021 के 9 महीने में भाजपा सरकार ने पेट्रोल की कीमत 28 रुपये प्रति लीटर व डीजल की कीमत 26 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दी। अब पेट्रोल व डीजल की कीमत क्रमश: 5 और 10 रुपये कम कर झूठी दीवाली गिफ्ट बनाकर बेचा जा रहा है।
यह अपने आप में धोखा है। सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय अक्तूबर, 2014 में हरियाणा में डीजल पर वैट 8.8 प्रतिशत था। वर्तमान में 16 प्रतिशत वैट है और ‘एडिशनल वैट’ 5 प्रतिशत है। यानी 100 प्रतिशत इजाफा। इसी प्रकार, 4 नवंबर, 2021 को कम होने के बाद भी पेट्रोल पर वैट 18.20 प्रतिशत अधिक है।
पेट्रोल-डीजल के दामों में कटौती नाकाफी: सैलजा
हरियाणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने पेट्रोल-डीजल के दामों में की गई कटौती को नाकाफी करार दिया है। उन्होंने कहा कि जितने दाम केंद्र सरकार कम कर वाहवाही लूटना चाहती है, उतनी बढ़ोतरी तो सिर्फ अक्तूबर महीने में ही कर दी गई थी। उन्होंने हर परिवार को महंगाई से राहत देने के लिए रसोई गैस के दामों में कटौती करने की मांग की।