दिवाली से पहले ही हरियाणा के 22 में से 16 जिलों की हवा ‘खराब’ श्रेणी में पहुंच गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से बुधवार शाम सात बजे जारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के किसी भी जिले की हवा का स्तर संतोषजनक नहीं है। सभी जिलों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 108 से 362 के बीच रहा।
वहीं देश के सर्वाधिक प्रदूषित पांच शहरों में प्रदेश के दो जिले फरीदाबाद और गुरुग्राम शामिल रहे। इन दोनों शहरों का एक्यूआई क्रमश: 362 और 354 रहा। ऐसे में दिवाली पर पटाखों के फोड़े जाने के बाद हवा खतरनाक स्तर पर पहुंच सकती है। गुरुग्राम, फरीदाबाद, चरखी दादरी और बहादुरगढ़ में तो हवा खतरनाक स्तर 300 को पार कर गई है।
पिछले कुछ दिनों में तेजी से बढ़ रहे प्रदूषण को देखते हुए चार दिन पहले हरियाणा राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने एनसीआर के 14 जिलों में पटाखों के निर्माण और इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। बावजूद इसके शहरी और ग्रामीण इलाकों में पटाखे फोड़े जा रहे हैं। दूसरा बड़ा कारण खेतों में जलाई जा रही पराली से भी प्रदूषण बढ़ रहा है। प्रदेश में 1700 से अधिक पराली जलाने के मामले सामने आ चुके हैं। एक्यूआई का स्तर 100 से अधिक होने पर सांस रोगी और कोरोना के मरीजों को दिक्कत हो सकती है।
वायु गुणवत्ता सूचकांक
| जिला |
एक्यूआई |
| फरीदाबाद |
362 |
| गुरुग्राम |
354 |
| बहादुरगढ़ |
321 |
| चरखी दादरी |
309 |
| मानेसर |
298 |
| भिवानी |
290 |
| हिसार |
284 |
| रोहतक |
257 |
| जींद |
256 |
| पानीपत |
233 |
| सिरसा |
271 |
| कैथल |
239 |
| फतेहाबाद |
226 |
यह है वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) का स्तर
| एक्यूआई |
स्तर |
| 0-50 |
अच्छा |
| 51-100 |
संतोषजनक |
| 101-200 |
मध्यम |
| 201-300 |
खराब |
| 301-400 |
बेहद खराब |
| 401-500 |
गंभीर |