हरियाणा सरकार 5वीं कक्षा तक के बच्चों के लिए अगस्त से स्कूलों को खोलने की तैयारी में है। कोरोना की तीसरी लहर न आने की स्थिति में स्कूल शिक्षा विभाग 50 फीसदी बच्चों को बुलाएगा। कोविड मानकों का पालन स्कूल मुखिया को कड़ाई से कराना होगा। कॉलेजों में एनसीसी को वैकल्पिक विषय के रूप में पढ़ाने को लेकर सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है।
शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि फिलहाल कोरोना को लेकर स्थिति नियंत्रण में है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो पहली से पांचवीं तक के स्कूल अगस्त में खोले जा सकते हैं। उससे पहले मानक संचालन प्रक्रिया जारी की जाएगी। एक डेस्क पर एक ही बच्चा बैठाएंगे।
खाना व पानी घर से लाना होगा। एक कक्षा में कम से कम बच्चे बुलाएंगे। स्कूल आने के लिए अभिभावकों की अनुमति जरूरी होगी। उन्होंने कहा कि हाजिरी अनिवार्य नहीं की जाएगी। जो अभिभावक अपने बच्चों के लिए ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं, रख सकेंगे।
स्कूलों को पहले सैनिटाइज किया जाएगा। उसके लिए स्कूल खोलने से पहले फंड जारी करेंगे। स्कूल में आवागमन व निकास के लिए अलग-अलग द्वार होंगे। कंवर पाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को 2030 तक लागू करने का लक्ष्य रखा है लेकिन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रदेश में इसे 2025 तक पूरी तरह लागू करने की मंशा जाहिर की है। एनसीसी के स्कूलों में क्रियान्वयन के लिए एक समिति बनाई है।