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हरियाणा: किसानों को एक घंटे ज्यादा बिजली देने की तैयारी, 24 घंटे में नहीं बदला खराब ट्रांसफार्मर तो जेई पर होगी कार्रवाई

Tue, 06 Jul 2021 01:09 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

हरियाणा में किसानों को धान सीजन में एक घंटे और बिजली की आपूर्ति देने पर विचार चल रहा है। वहीं फाल्ट की वजह से जितनी देर बिजली बाधित रहेगी उतनी देर की बिजली बाद में किसानों को दी जाएगी। सरकार ने खराब ट्रांसफार्मर को 24 घंटे में बदलने का आदेश दिया है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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हरियाणा सरकार धान की रोपाई के संकट को देखते हुए किसानों को एक घंटा अधिक बिजली आपूर्ति की तैयारी कर रही है। तकनीकी तौर पर अध्ययन कर जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। अभी किसानों को आठ घंटे ही बिजली मिल रही है। बिजली वितरण निगमों के प्रबंध निदेशक शशांक आनंद के साथ भारतीय किसान यूनियन की बैठक में इस पर सोमवार को सहमति बनी।

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भाकियू हरियाणा के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी के नेतृत्व में किसानों का प्रतिनिधिमंडल वार्ता के लिए पहुंचा था। किसानों की मांगें सुनने के बाद प्रबंध निदेशक शशांक आनंद ने कहा कि कृषि क्षेत्र में खराब होने वाले ट्रांसफार्मर 24 घंटे में बदले जाएंगे। अगर ऐसा नहीं होता है तो जेई पर कार्रवाई होगी। 

कृषि क्षेत्र में अगर बिजली लाइन में कोई फाल्ट आता है तो जितनी देर फाल्ट ठीक होने में लगेगा, उतनी देर की बिजली किसानों को दी जाएगी। आदेश की अनुपालन न होने पर किसान अधिशासी अभियंता से शिकायत कर सकते हैं। दक्षिण हरियाणा में दो किले से कम भूमि वाले किसान भी ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकेंगे। 
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किसान कनेक्शन मिलने के बाद बोर करवाएंगे। बोर का प्वाइंट बताकर उन्हें कनेक्शन के लिए आवेदन करना होगा। किसानों को 8829 कनेक्शन 15 अगस्त तक दिए जाएंगे। इनमें दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के 5857, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के 972 के अलावा पूरे प्रदेश के 2000 केबल कनेक्शन शामिल हैं।

प्रतिनिधिमंडल ने टावरों व बड़ी लाइन की तारों के नीचे की जमीन का मामला भी उठाया। भाकियू ने मांग रखी कि जिस जमीन पर टावर लगे हैं उसका किसानों को 15 लाख प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए। जिस जमीन पर से बड़ी लाइन खिंची हैं, उस जमीन का प्रति एकड़ पांच लाख मुआवजा व साल की बीस हजार ठेका राशि मिले।

इस पर शशांक आनंद ने कहा कि इसका प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा। अंतिम निर्णय सरकार ही लेगी। भाकियू के प्रतिनिधिमंडल में राकेश बैंस, रामपाल, विक्रम कसाना, संजू गुदियाना, मलकीत सिंह, नरेंद्र सिंह, राकेश आर्य, विनोद राणा, जगदीप ओलख व आजाद पालवा मौजूद रहे। 

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