सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा सरकार ने इसे गंभीरता से लिया और रोडमैप तैयार किया। इसके पहले चरण में 50 हजार सोलर पंप सेट लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। पिछले 7 वर्षों में 25897 सोलर पंप सेट लगाए हैं। वर्ष 2021-22 के लिए 22 हजार सोलर पंप देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें से अब तक 15 हजार सोलर पंप प्रदान किए जा चुके हैं तथा शेष 7 हजार सोलर पंप मार्च 2022 तक दे दिए जाएंगे। इसके साथ ही वर्ष 22-23 में 50 हजार सोलर पंप लगाए जाएंगे। वर्ष 2014 तक केवल 492 सोलर पंप ही लगवाए गए थे।
प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा उत्थान महाअभियान (पीएम-कुसुम) के तहत सूक्ष्म सिंचाई के लिए 45 फीसदी व केंद्र सरकार की तरफ से 30 फीसदी सब्सिडी प्रदान की जाती है। इस तरह से कुल 75 फीसदी आर्थिक सुविधा सरकार की तरफ से प्रदान की जाती है। किसानों को महज अपनी तरफ से 25 फीसदी ही खर्च करना होता है।
प्रदेश में कृषि योग्य लगभग 80 लाख एकड़ भूमि है। इसमें से 75 प्रतिशत क्षेत्र में सिंचाई हो पाती है। शेष भूमि पर सिंचाई के लिए वर्षा पर निर्भर रहना पड़ता है। इनके लिए यह योजना काफी लाभदायक है। महेंद्रगढ़ की सुमित्रा देवी ने भी सरकार की पीएम कुसुम योजना का लाभ उठाते हुए भागदाना गांव में पांच एकड़ जमीन की सिंचाई के लिए 10 एचपी का सोलर पंप लगाया है।
योजना का लाभ लेने के लिए कैसे करें आवेदन
जो किसान सोलर वाटर पंपिंग सिस्टम लगाना चाहते हैं, उन्हें http://saralharyana.gov.in/ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन की कोई भी हार्ड कॉपी विभाग/हरेडा द्वारा स्वीकृत नहीं की जाएगी।