हरियाणा सरकार ने कुल 500 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया है। हालांकि यह आंकड़ा बढ़ सकता है। सरकार ने नुकसान की भरपाई के लिए काम शुरू कर दिया है। मुआवजा देने के लिए उपायुक्तों की पावर बढ़ा दी गई है। सरकारी विभागों के जो प्रोजेक्ट प्रभावित हुए थे, उन्हें भी रुपये जारी किए जा रहे हैं।
हरियाणा में बाढ़ के जख्म काफी गहरे हैं। बाढ़ से ग्रस्त12 जिलों को भारी नुकसान पहुंचा है। अंबाला, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर और पंचकूला को भारी नुकसान पहुंचा है। कई लाख एकड़ फसलें जलमग्न हो चुकी हैं। वहीं, सड़क, बिजली और सिंचाई की कई परियोजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।
हरियाणा सरकार ने कुल 500 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया है। हालांकि यह आंकड़ा बढ़ सकता है। सरकार ने नुकसान की भरपाई के लिए काम शुरू कर दिया है। मुआवजा देने के लिए उपायुक्तों की पावर बढ़ा दी गई है। सरकारी विभागों के जो प्रोजेक्ट प्रभावित हुए थे, उन्हें भी रुपये जारी किए जा रहे हैं। वहीं, सरकार ने किसानों के फसल के नुकसान की भरपाई के आवेदन के लिए क्षतिपूर्ति पोर्टल को खोल दिया है। जिन शहरों में ज्यादा नुकसान हुआ, उनका एक लेखा-जोखा दिया जा रहा है।
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पंचकूला में चार की मौत, 30 करोड़ से ज्यादा का नुकसान
बारिश से पंचकूला के चार लोगों की मौत हुई है। 98 सड़कों को नुकसान पहुंचा है। इन सड़कों की मरम्मत के लिए 24 करोड़ रुपये की लागत आएगी। तीन पुल भी प्रभावित हैं। इसके लिए करीब 85 लाख रुपये की जरूरत पड़ेगी। बिजली विभाग को सवा चार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसमें बिजली विभाग के टावर, बाऊंड्री वाल, 642 पोल और 87 ट्रांसफार्मर शामिल हैं। वहीं, सिंचाई विभाग की पांच परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं, जिससे करीब एक करोड़ का नुकसान हुआ है। इसके अतिरिक्त 153 लाख रुपये का अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर को भी नुकसान पहुंचा है।
अंबाला में नौ लोगों की मौत, 288 सड़कों को नुकसान
बाढ़ से अंबाला में नौ लोगों की मौत हुई। 288 सड़कों को नुकसान पहुंचा है। इन सड़कों की मरम्मत के लिए 48 करोड़ 89 लाख की जरूरत पड़ेगी। सिंचाई विभाग के 60 प्रोजेक्ट प्रभावित हुए हैं। इसकी मरम्मत में करीब 30 करोड़ की लागत आएगी। बिजली विभाग को अंबाला में करीब साढ़े पांच करोड़ का नुकसान पहुंचा है। अंबाला में एक लाख 47 हजार एकड़ फसल को नुकसान पहुंचा है। इसके अतिरिक्त साढ़े पांच करोड़ का अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचा है।
यमुनानगर में दो की मौत, 96 प्रोजेक्ट प्रभावित
बाढ़ से यमुनानगर के दो लोगों की मौत हुई है। 126 सड़कों को नुकसान पहुंचा है। इसकी मरम्मत में करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये की लागत आएगी। सात पुलों को भी नुकसान पहुंचा है। इसमें करीब 90 लाख रुपये का खर्च आएगा। बिजली निगम को सवा करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचा है। 25534 हजार एकड़ फसल बर्बाद हुई है। सिंचाई विभाग की जगाधरी में 96 प्रोजेक्ट प्रभावित हुई हैं। इसमें करीब 9.6 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इसके अलावा यमुनानगर में करीब 18 लाख का अन्य इंफ्रस्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचा है।
कुरुक्षेत्र में पांच की मौत, 2.31 लाख एकड़ फसल बर्बाद
बाढ़ से कुरुक्षेत्र में पांच लोगों की मौत हुई है। सिंचाई विभाग के 55 प्रोजेक्ट प्रभावित हुए हैं। इसके मरम्मत में करीब 11 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इस जिले की लगभग 141 सड़कें प्रभावित हुई हैं। इसकी मरम्मत में 46 करोड़ रुपये की लागत आएगी। एक ब्रिज भी प्रभावित हुआ है। बिजली विभाग को करीब तीन करोड़ का नुकसान हुआ है। कुरुक्षेत्र में सबसे ज्यादा फसल प्रभावित हुई हैं। करीब 2.31 लाख एकड़ फसलों को नुकसान पहुंच है। इसके अतिरिक्त 83 लाख रुपये का अन्य इंफ्रस्टक्चर को भी नुकसान पहुंचा है।
कैथल में चार की मौत, 120 प्रोजेक्ट को नुकसान
बाढ़ से कैथल के चार लोगों की मौत हुई है। बिजली विभाग को 281 लाख रुपये का नुकसान पहुंचा है। 117 सड़के प्रभावित हुई हैं, जिसकी मरम्मत में करीब 115 लाख रुपये का खर्च आएगा। बाढ़ से सिंचाई विभाग की 120 प्रोजेक्ट को नुकसान पहुंचा है। इसके मरम्मत में करीब 12 करोड़ रुपये खर्च आएगा। इसके अलावा 20 लाख रुपये के अतिरिक्त इंफ्रस्ट्रक्चर को नुकसान आया है।
करनाल में चार की मौत, 40 करोड़ की सड़के प्रभावित
करनाल के चार लोगों की मौत बाढ़ से हुई है। करनाल की 80 सड़कें प्रभावित हुई हैं। इसकी मरम्मत में करीब 40 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। बिजली विभाग को करनाल में करीब 95 करोड़ का नुकसान हुआ है। सिंचाई विभाग की पांच प्रोजेक्ट प्रभावित हैं। इसमें करीब ढाई करोड़ का खर्च आएगा। इसके अतिरिक्त 31 लाख रुपये का अतिरिक्त इंफ्रस्ट्रक्चर प्रभावित हुआ है।
फतेहाबाद में बाढ़ से चार लोगों की मौत
बाढ़ से फतेहाबाद में चार लोगों की मौत हुई है। 42 सड़कों को नुकसान पहुंचा है। इसकी मरम्मत में करीब 31 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। सिंचाई विभाग के 20 प्रोजेक्ट प्रभावित हैं। इसमें करीब चार करोड़ रुपये का खर्च आएगा। बिजली निगम को 23 लाख रुपये का खर्च आया है। इसके अतिरिक्त 60 लाख रुपये का अतिरिक्त इंफ्रस्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचा है।
अंबाला में वैज्ञानिक उपकरणों के निर्माताओं को 300 करोड़ का नुकसान
बाढ़ से अंबाला में वैज्ञानिक उपकरणों के निर्माताओं को भी काफी नुकसान पहुंचा है। विभिन्न कारोबारी संगठनों के अनुसार, वैज्ञानिक उपकरणों की विनिर्माण इकाइयों को करीब 300 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। बाढ़ का पानी घुस जाने से अंबाला कैंट इलाके के वैज्ञानिक उपकरण उद्योग को बड़ा नुकसान पहुंचा है। इससे काम ठप हो गया है और करोड़ों रुपये की मशीनें तथा उपकरण लगभग बेकार हो गए हैं और कच्चा माल क्षतिग्रस्त हो गया। संगठनों के अनुसार, ‘करीब 100 विनिर्माण इकाइयां तीन दिन तक चार से पांच फुट पानी में जलमग्न रही। क्षेत्र में भारी बारिश होने से तंगरी नदी का पानी विनिर्माण केंद्र में घुस गया। कई विनिर्माताओं ने बताया कि महंगी मशीनें, तैयार माल, बिजली उपकरण और फर्नीचर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। संगठनों का कहना है कि सरकार को नुकसान का आकलन करने और मुआवजा देने के लिए एक समिति का गठन करना चाहिए, वहीं सरकार को प्रभावित इकाइयों को कर और बिजली बिलों में रियायत देनी चाहिए।