अक्तूबर में बारिश से खराब हुई धान-कपास की फसलों के मुआवजे का इंतजार कर रहे हरियाणा के किसानों को जनवरी में हुई बेमौसमी बारिश की मार झेलनी पड़ी। अब सबसे अधिक सरसों, गेहूं और सब्जी की फसलों को नुकसान हुआ। किसानों को सरकार से मदद की उम्मीद है। वीरवार तक प्रदेशभर से 16617 किसानों ने कृषि विभाग से संपर्क कर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के तहत मुआवजे की मांग की है। भारतीय किसान यूनियन भी विशेष गिरदावरी की मांग कर चुकी है। अब तक अंबाला और रेवाड़ी जिलों से सबसे अधिक आवेदन आए हैं।
किसान नुकसान के 72 घंटे के भीतर कृषि विभाग से संपर्क कर सकते हैं। आवेदन प्राप्त होने के तुरंत बाद बीमा कंपनी और विभाग के अधिकारियों द्वारा वास्तविक नुकसान का पता लगाने के लिए भौतिक सर्वेक्षण किया जाता है और बाद में मुआवजा जारी किया जाएगा।
इससे पहले अक्तूबर माह में बारिश से धान और कपास की फसलें खराब हुई थी। सरकार ने विशेष गिरदावरी कराई थी। सभी मंडलायुक्त की रिपोर्ट सरकार के पास पहुंच चुकी हैं। करीब 3.50 लाख एकड़ में फसलें खराब हुई हैं। इसके बाद सरकार अलग-अलग श्रेणी में किसानों को कुल 353 करोड़ रुपये मुआवजा देगी। किसानों के खातों में सीधे राशि डालने की तैयारी है।