हरियाणा सरकार ने हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन विधेयक-2016 का मसौदा तैयार किया है। साइट पर अपलोड हो गया है, 11 तक सुझाव दें। नियत समय के अंदर एक ही छत के नीचे उद्यम की स्थापना के लिए स्वीकृतियां प्रदान कर परियोजनाओं को जल्द अमलीजामा पहनाने और प्रमोटर्स की सहायता तथा विनियामक ढांचे को सरल बनाने के लिए हरियाणा सरकार ने यह विधेयक तैयार किया है।
जरूरी दस्तावेजों और प्रक्रियाओं में बदलाव औद्योगिक विकास के प्रोत्साहन में मदद के साथ-साथ नए निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रवक्ता ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन विधेयक-2016 का प्रारूप http://haryanaindustries.gov.in पर अपलोड कर दिया गया है। इस संबंध में सभी स्टेक होल्डर 11 मार्च तक अपने सुझाव दे सकते हैं।
प्रवक्ता ने बताया कि 100 करोड़ रुपये या इससे अधिक के निवेश वाली सभी मेगा, अल्ट्रा मेगा व अन्य परियोजनाओं के लिए प्रोत्साहनों के कस्टमाइज्ड पैकेज से जुड़े प्रस्तावों पर स्वीकृतियां प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाले हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन बोर्ड द्वारा विचार किया जाएगा।
एक सशक्त कार्यकारी समिति (ईसीसी) तथा जिलास्तरीय स्वीकृति समिति (डीएलसीसी) के रूप में एक द्वि-स्तरीय प्रणाली प्रत्येक जिले में परियोजना स्वीकृतियां प्रदान करने का कार्य करेगी। दस करोड़ रुपये या इससे अधिक के निवेश तथा एक एकड़ से अधिक के सीएलयू की सभी परियोजनाओं पर स्वीकृतियां तथा प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए ईसीसी द्वारा विचार किया जाएगा।
मसौदे में यह
- दस करोड़ रुपये से कम के निवेश तथा एक एकड़ तक के सीएलयू मामलों वाली सभी परियोजनाओं पर स्वीकृतियां एवं प्रोत्साहन पर डीएलसीसी द्वारा विचार किया जाएगा।
- निवेश प्रोत्साहन केंद्र का नामकरण औद्योगिक नीति एवं प्रोत्साहन ब्यूरो (बीआईपीपी) के रूप में किया जाएगा। इसका मुख्यालय चंडीगढ़ में, जबकि एक शाखा कार्यालय नई दिल्ली में होगा।
- राज्य सरकार प्रदेश के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश तथा अप्रवासियों से निवेश जुटाने के लिए विदेशी निवेश प्रोत्साहन बोर्ड तथा एनआरआई निवेश प्रकोष्ठ गठित करेगी।
- राज्य सरकार ने त्रिस्तरीय शिकायत निवारण तंत्र अधिसूचित किया है।