सात और आठ मार्च को होने जा रहा हैपनिंग हरियाणा समिट सादगीपूर्ण होगा। इसमें कोई कल्चरल प्रोग्राम नहीं कराया जाएगा। यह ऐलान हरियाणा के वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने किया। उन्होंने कहा कि ग्लोबल समिट का आयोजन सफलतापूर्वक किया जाएगा।
यह आयोजन पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सांस्कृतिक एवं रंगारंग कार्यक्रमों के साथ न होकर केवल व्यवसायिक कार्यक्रम के रूप में कराया जाएगा। कैप्टन अभिमन्यु मंगलवार को हरियाणा सचिवालय में कैबिनेट की सद्भावना बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
आरक्षण आंदोलन के बाद प्रदेश में उपजे हालात के कारण ग्लोबल समिट स्थगित हो जाने की अटकलों पर विराम लगाते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के हरसंभव प्रयास में जुटी है। उन्होंने कहा कि अब नौकरियां 2 फीसदी ही बची हैं, जबकि 98 फीसदी युवाओं को अपने व्यवसाय ही शुरू करने होंगे। इसके लिए प्रदेश सरकार राज्य में निवेश को बढ़ावा देना चाहती है।
उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में नए उद्योगों और निवेश को आकर्षित करने के अपने अभियान को जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि हरियाणा एक दावानल से गुजरा है। आरक्षण आंदोलन के दौरान कुछ तत्वों ने राजनीतिक साजिश रचकर प्रदेश के सामाजिक, आर्थिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न कर दिया है, लेकिन प्रदेश सरकार ‘एक हरियाणा हरियाणवी एक’ के नारे को बुलंद रखेगी।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन, विभिन्न सामाजिक, धार्मिक संगठनों, समाज के विभिन्न वर्गों और शैक्षिक संस्थाओं को साथ लेकर प्रदेश में आपसी भाईचारे का माहौल फिर से कायम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले भी हरियाणा ने पूरी दुनिया में मिसाल कायम की है और अब भी हरियाणा अपनी पीढ़ियों पर टूट की आंच नहीं आने देगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने अपनी जिम्मेदारी समझते हुए तुरंत प्रभाव से सभी जिलों के उपायुक्तों, धार्मिक व सामाजिक संगठनों, क्लबों, शैक्षिक संस्थाओं और समाज के ऐसे प्रतिष्ठित लोगों को साथ लेकर सद्भावना के प्रयास शुरू कर दिए हैं, जिनकी प्रेरणा हमेशा जनसाधारण को मार्ग दिखाती रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि जल्दी ही हरियाणा में पुरानी रौनक लौट आएगी।