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Haryana: हरियाणा बकाया देय व्यवस्थापन संशोधित विधेयक पारित, बकाया 32 हजार करोड़ टैक्स की हो सकेगी वसूली

Mon, 18 Dec 2023 11:08 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

हरियाणा निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक,2023 को भी पारित किया गया। हरियाणा निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2006 को आगे संशोधित करने के लिए विधेयक पेश किया गया। सदन ने इस पर मुहर लगा दी। इसके तहत झज्जर में संस्कारम् विश्वविद्यालय स्थापित किया जाना है।
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हरियाणा विधानसभा सत्र। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा सरकार में जीएसटी लागू होने से पहले वैट के बकाया विवादित 32 हजार करोड़ रुपये की वसूली का रास्ता साफ हो गया है। कैबिनेट पहले ही ऐसे विवादों को लेकर वन टाइम सेटलमेंट स्कीम को मंजूरी दे चुकी है। सोमवार को हरियाणा विधानसभा ने हरियाणा बकाया देय व्यवस्थापन (संशोधन) विधेयक, 2023 पारित किया है। इसके तहत, हरियाणा बकाया देय व्यवस्थापन अधिनियम, 2017 के अधिनियम 35 की धारा 2 व 3 में संशोधन किया गया है। प्रदेश में पहली जुलाई, 2017 से जीएसटी कानून के तहत एक नई कराधान प्रणाली लागू की गई।

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डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने बताया कि इस स्कीम के दौरान किसी की मूल राशि नहीं छोड़ी जाएगी, बल्कि पैनेल्टी और जुर्माना पर समाधान किया जाएगा। विवादों को निपटाने के लिए संशोधन किया है और वन टाइम सेटलमेंट स्कीम लाई गई है। वित्तीय वर्ष 2017-18 की पहली तिमाही की अवधि इस अधिनियम और योजना के दायरे के बाहर रह गई। अब सरकार ने 30 जून, 2017 तक की शेष अवधि को भी इस अधिनियम के तहत लाने का निर्णय लिया है, इसलिए इस अधिनियम में संशोधन जरूरी है।

हरियाणा निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक पास

इसके अलावा, हरियाणा निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक,2023 को भी पारित किया गया। हरियाणा निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2006 को आगे संशोधित करने के लिए विधेयक पेश किया गया। सदन ने इस पर मुहर लगा दी। इसके तहत झज्जर में संस्कारम् विश्वविद्यालय स्थापित किया जाना है।

दाखिलों में ओबीसी को आरक्षण विधेयक वापस लिया

हरियाणा सरकार की ओर से शिक्षा क्षेत्र में दाखिलों में ओबीसी वर्ग को आरक्षण देने के लिए विधेयक लाया जाना था लेकिन प्रशासनिक कारणों के चलते इसे सरकार ने वापस ले लिया।

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