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हरियाणा: प्रदेश कांग्रेस के नए अध्यक्ष उदयभान के पिता ने नौ घंटे में बदली थी तीन पार्टी, तभी से बनी आया राम-गया राम की कहावत 

Thu, 28 Apr 2022 10:40 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

उदयभान हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा गुट के हैं। हुड्डा गुट लंबे समय से प्रदेश अध्यक्ष अपने खेमे के नेता को बनाने की मांग कर रहा था।
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उदयभान बने हरियाणा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष। - फोटो : twitter @BhupinderShooda
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विस्तार
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उदयभान को बुधवार को हरियाणा कांग्रेस का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। उदयभान को कमान मिलते ही उनके पिता गया लाल भी चर्चा में आ गए हैं। गया राम के नाम नौ घंटे में तीन पार्टियां बदलने का रिकॉर्ड है। आया राम, गया राम की कहावत को उन्होंने ही जन्म दिया।

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गया लाल हस्सनपुर सीट से पहली बार साल 1967 में विधायक चुने गए थे। बतौर आजाद उम्मीदवार उन्होंने 360 वोट से जीत दर्ज की। हरियाणा गठन के बाद हुए इस पहले ही चुनाव में गया लाल सहित 16 आजाद विधायक चुने गए, जो आज भी रिकॉर्ड है। उस समय कुल 81 विधानसभा क्षेत्र थे। 48 सीट पर कांग्रेस को जीत मिली। भारतीय जनसंघ के 12 विधायक, स्वतंत्र पार्टी के तीन विधायक चुने गए। 

मार्च 1967 में भगवत दयाल शर्मा मुख्यमंत्री बन गए। इसके कुछ समय बाद ही शर्मा का सिंहासन डोलने लगा। राव बीरेंद्र सिंह अंदरखाते कांग्रेस के विधायकों को तोड़ रहे थे। राव बीरेंद्र कांग्रेस से बागी होकर संयुक्त मोर्चे की अगुवाई कर रहे थे। इसी बीच गया लाल हरियाणा ही नहीं देश की राजनीति में चर्चा में आए। दरअसल पहले वह कांग्रेस के साथ हुए, कुछ घंटे बाद संयुक्त मोर्चा में गए फिर पाला बदलकर कांग्रेस में आए। राव के कहने पर दोबारा संयुक्त मोर्चा में आ गए। इस पर राव बीरेंद्र ने गया लाल को चंडीगढ़ में मीडिया के सामने पेश किया। उन्होंने कहा कि गया राम अब आया राम हैं। तभी से हरियाणा में दल-बदल शुरू हुआ, जो आज तक जारी है। आयाराम-गयाराम की कहावत ने भी तभी से ही जन्म लिया। 

भूपेंद्र हुड्डा गुट के हैं उदयभान 

उदयभान हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा गुट के हैं। हुड्डा गुट लंबे समय से प्रदेश अध्यक्ष अपने खेमे के नेता को बनाने की मांग कर रहा था। आखिरकार बुधवार को उनकी यह मांग पूरी हुई। पिछले सप्ताह ही कुमारी सैलजा ने सोनिया गांधी से मुलाकात कर प्रदेश अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दिया था। सोनिया गांधी ने सैलजा के इस्तीफे को स्वीकार कर लिया है।

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